
हरिद्वार जिले के झबरेड़ा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले लाठरदेवा शेख गांव में लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी ने एक भयानक मोड़ ले लिया। यहां कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने खुले में कानून की अनदेखी करते हुए एक व्यक्ति और उसके पुत्र पर लकड़ी की छड़ों तथा फावड़े से क्रूर हमला किया। इस घटना की जड़ बच्चों के बीच मोबाइल गेम बीजीएमआई (जिसे पहले पबजी के नाम से जाना जाता था) खेलने को लेकर हुई छोटी-मोटी बहस बताई जा रही है। हमले में प्रभावित पिता और पुत्र बुरी तरह जख्मी हुए हैं, जिन्हें आगे के इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है। वर्तमान में पुलिस अपराधियों की धरपकड़ में लगी हुई है।
जानकारी के अनुसार, झबरेड़ा पुलिस क्षेत्र के लाठरदेवा शेख गांव में बच्चों के बीच गेम खेलने संबंधी मामूली असहमति ने जल्द ही हिंसक झड़प का रूप धारण कर लिया। इसी वजह से पड़ोसी लोगों ने एक परिवार के सदस्यों पर लकड़ी की छड़ों और फावड़े से घातक प्रहार किया। इसमें जावेद (जिन्हें भोला भी कहा जाता है) और उनके पुत्र जुनैद गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इस पूरे प्रकरण का फुटेज अब सामाजिक मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। प्रसारित हो रहे वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि किस प्रकार हमलावरों ने पिता और पुत्र को चारों ओर से घेरकर उन पर लगातार प्रहार किए।
यह हमला इतना विकराल था कि दोनों खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। शोर-शराबा सुनकर आसपास के निवासियों ने तुरंत घायलों को रुड़की के सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक उपचार प्रदान किया और फिर उन्नत उपचार के लिए अन्य अस्पताल रेफर कर दिया। अभी उनकी स्वास्थ्य स्थिति संकटपूर्ण बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर झबरेड़ा पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच की और स्थानीय लोगों से विवरण जुटाया। सभी संदिग्ध अभी तक फरार हैं, जबकि पुलिस प्रसारित वीडियो की मदद से उनकी खोजबीन कर रही है।
ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक शेखर चंद्र सुयाल ने कहा कि पीड़ितों के परिवारजन से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। इसके आधार पर हमलावरों के विरुद्ध मामला पंजीकृत किया गया है। घटना की गहन जांच चल रही है। अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष पुलिस दलों का गठन किया गया है। शीघ्र ही सभी संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
