
केंद्रीय बजट 2026–27 से ठीक पहले कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त भूचाल देखने को मिला। बजट डे से पहले ही सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच बेचैनी बढ़ गई।
वायदा बाजार में सोना 7,600 रुपये तक लुढ़क गया, जबकि चांदी में 22,600 रुपये से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर सोना 7,653 रुपये या करीब 5 प्रतिशत टूटकर 1,42,000 रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं चांदी 22,648 रुपये की गिरावट के साथ 2,69,277 रुपये प्रति किलो पर फिसल गई, इसमें 7 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई।
बजट से पहले ही टूटा भरोसा, 9 प्रतिशत तक फिसले दाम
केंद्रीय बजट से पहले रविवार को कमोडिटी बाजार खुलने के साथ ही सोना और चांदी पर भारी दबाव देखने को मिला। वायदा कारोबार में दोनों धातुओं की कीमतों में 9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
इससे पहले बीते सप्ताह भी बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली थी। एक ही दिन में चांदी लगभग 30 प्रतिशत तक टूट गई थी, जबकि सोना करीब 17 प्रतिशत तक फिसल गया था।
चांदी का रोलर कोस्टर, रिकॉर्ड हाई से सीधे बड़ी गिरावट
पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया था। गिरावट से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार किया था।
5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो के लाइफटाइम हाई तक पहुंची, लेकिन अगले ही दिन तस्वीर पलट गई। जोरदार बिकवाली के चलते भाव 1.28 लाख रुपये टूटकर 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गए।
बजट से पहले रविवार को गिरावट और गहरी हो गई और चांदी करीब 9 प्रतिशत या 26,273 रुपये से ज्यादा टूटकर 2,65,652 रुपये प्रति किलो पर आ गई।
सोने का चमकता ताज उतरा, रिकॉर्ड से सीधे फिसलन
सोने की हालत भी इससे अलग नहीं रही। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला 10 ग्राम 24 कैरेट सोना गुरुवार को 1,93,096 रुपये के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंचा था।
हालांकि इसके बाद तेज बिकवाली शुरू हुई और सोना 42,247 रुपये टूटकर 1,50,849 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
रविवार को ट्रेडिंग शुरू होते ही बिकवाली का दबाव और बढ़ा, जिससे सोना 8.80 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। कीमत करीब 13,711 रुपये टूटकर 1,38,634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई।
पहले से जताई जा रही थी गिरावट की आशंका
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार बजट रविवार को पेश किया जा रहा है, जिस वजह से कमोडिटी बाजार में भी ट्रेडिंग हो रही है।
विशेषज्ञों ने पहले ही संकेत दिए थे कि बीते सप्ताह की भारी गिरावट से निवेशकों का मनोबल कमजोर हुआ है और बजट डे पर इसका असर तेज बिकवाली के रूप में सामने आ सकता है।
वैश्विक संकेत, बजट से जुड़ी अनिश्चितता और मुनाफावसूली के दबाव ने मिलकर कीमती धातुओं पर लगातार दबाव बनाए रखा, और जैसे ही वायदा कारोबार शुरू हुआ, यह आशंका सच साबित होती नजर आई।
