देहरादून। विकास कार्यों के नाम पर सड़कों की बेतरतीब खुदाई और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल का सब्र आखिरकार टूट गया। बार-बार चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं होने पर प्रशासन ने सात निर्माण एजेंसियों की रोड कटिंग अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। अब ये एजेंसियां फिलहाल सड़कों की खुदाई नहीं कर सकेंगी।
दरअसल, रविवार अंक में सड़कों पर मनमानी खुदाई और उससे आम जनता को हो रही परेशानी को लेकर विस्तृत खबर प्रकाशित की गई थी। खबर में बताया गया था कि निर्माण एजेंसियां चेतावनियों के बावजूद सुधरने को तैयार नहीं हैं। जिलाधिकारी ने इस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए कड़ा फैसला लिया।
इन एजेंसियों की अनुमति हुई निरस्त
जिलाधिकारी के आदेश के बाद विभिन्न कार्यों के लिए दी गई अनुमतियां निरस्त कर दी गई हैं। इनमें—
अधिशासी अभियंता (उत्तर) जल संस्थान
अधीक्षण अभियंता पिटकुल
अधिशासी अभियंता पेयजल निगम (कौलागढ़ रोड)
यूयूएसडीए
अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम (दक्षिण)
अधिशासी अभियंता जल संस्थान (दक्षिण)
स्मार्ट सिटी परियोजना
शामिल हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्ती
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि प्रशासन की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) द्वारा समय-समय पर निरीक्षण में यह सामने आया कि निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा मानकों का घोर अभाव है। इसके चलते पहले संबंधित एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर और दंडात्मक कार्रवाई भी की गई, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। ऐसे में रोड कटिंग की अनुमति निरस्त करना ही एकमात्र विकल्प बचा था।
10 दिन में सड़क दुरुस्त करने के निर्देश
रोड कटिंग की सभी अनुमतियां निरस्त करने के साथ ही जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नगर निगम और सड़क निर्माण से जुड़ी अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे 10 दिनों के भीतर सड़कों को पूर्व स्थिति में बहाल करें। मरम्मत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन के इस सख्त कदम से शहरवासियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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