देहरादून। उत्तराखंड में पिछले तीन वर्षों में खाद्य पदार्थों की जांच के दौरान बड़ी संख्या में सैंपल अधोमानक पाए गए हैं। राज्य में कुल 4909 सैंपलों की जांच कराई गई, जिनमें से 523 सैंपल फेल रहे। यानी लगभग हर नौवां सैंपल अधोमानक पाया गया। इन सभी मामलों में अदालत में वाद दायर कर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गुरुवार को विधानसभा में दी।
विधायक के सवाल पर दी जानकारी
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला ने राज्य में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग और मिलावट को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि विभाग में पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने के बावजूद मिलावट के खिलाफ कार्रवाई कैसे की जा रही है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और नियमित रूप से सैंपलिंग कर जांच कराई जा रही है।
तीन साल में सैंपलिंग के आंकड़े
मंत्री के अनुसार 2023-24 में 1627 सैंपलों की जांच हुई, जिनमें से 170 सैंपल मिसब्रांड या असुरक्षित पाए गए।2024-25 में 1684 सैंपल लिए गए, जिनमें से 159 अधोमानक निकले और मौजूदा वर्ष में अब तक 1598 सैंपलों की जांच हो चुकी है, जिनमें से 194 अधोमानक पाए गए।
इन सभी 523 मामलों में अदालत में वाद दायर कर कार्रवाई की जा चुकी है।
देहरादून में तैयार हुई फूड टेस्टिंग लैब
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच को मजबूत बनाने के लिए देहरादून में फूड टेस्टिंग लैब तैयार हो चुकी है, जिसे इसी महीने शुरू किया जाएगा। इससे जांच प्रक्रिया और तेज व प्रभावी होगी।
हाट-बाजार और मेलों में भी होगी सैंपलिंग
विधानसभा में भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि आमतौर पर त्योहारी सीजन में ही खाद्य पदार्थों की जांच होती है, जबकि हाट-बाजार और अन्य स्थानों पर नियमित सैंपलिंग नहीं होती।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य में हाट-बाजारों और मेलों में भी खाद्य पदार्थों की नियमित जांच कराई जाएगी और इसके लिए पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा।
इंस्पेक्टरों के खाली पद भरने की प्रक्रिया
मंत्री ने बताया कि विभाग में फूड इंस्पेक्टर के 28 पद खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है। कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था भी की जा रही है।
इस दौरान विधायक विनोद चमोली और मुन्ना सिंह चौहान ने फूड सैंपलिंग का जिम्मा निकायों को देने की मांग भी उठाई। मंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव पर परीक्षण किया जा रहा है।
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