देहरादून। रायपुर देहरादून के चूनाभट्टा क्षेत्र में रिस्पना नदी किनारे खंडहर से मिले शिवानी अरोड़ा के शव के मामले में अब तक मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत की गुत्थी नहीं सुलझ सकी है, जिसके बाद पुलिस ने आगे की जांच के लिए विसरा और हिस्टोपैथोलॉजी सैंपल सुरक्षित रख लिए हैं।
पुलिस के अनुसार इन दोनों सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पोस्टमार्टम के दौरान यह भी सामने आया है कि मृतका के चेहरे पर मिले चोट के निशान मौत के बाद के हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी जानवर ने चेहरे को नोचने की कोशिश की होगी।
गौरतलब है कि सोमवार को रिस्पना नदी किनारे एक खंडहरनुमा मकान से करीब 26 वर्षीय शिवानी अरोड़ा का शव बरामद हुआ था। वह पंचपुरी सूरज बस्ती, अधोईवाला की निवासी थी और उसकी शादी लगभग चार वर्ष पहले गाजियाबाद में हुई थी। मृतका का एक दो साल का बच्चा भी है।
परिजनों के अनुसार शिवानी लंबे समय से नशे की आदी थी और उसे पहले भी तीन बार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया जा चुका था। हाल ही में नशा मुक्ति केंद्र से लौटने के बाद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते उसे फिर से हरिद्वार स्थित केंद्र भेजने की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच वह पिछले तीन-चार दिनों से घर से लापता थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें 13 मार्च को शिवानी एक व्यक्ति के साथ घूमती हुई नजर आई। शक के आधार पर पुलिस ने उस व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में सामने आया कि उक्त व्यक्ति शिवानी के ही मोहल्ले का निवासी है। उसने बताया कि 13 मार्च को शिवानी ने उससे 500 रुपये लिए थे और कहा था कि उसकी बहन उसे गूगल पे के जरिए पैसे भेज रही है। पुलिस द्वारा शिवानी की बहन से पूछताछ करने पर इस बात की पुष्टि भी हुई कि उसने संबंधित व्यक्ति को 500 रुपये ट्रांसफर किए थे।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि विसरा और अन्य सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा
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