देहरादून। आस्था के सबसे बड़े पर्व चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन इस बार यात्रा की राह आसान नजर नहीं आ रही। एक ओर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से पहाड़ी क्षेत्रों में किल्लत की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर मौसम का बदला मिजाज भी यात्रियों और प्रशासन की चिंता बढ़ा रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश के आठ पहाड़ी जिलों में बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
कपाट खुलने के साथ यात्रा का आगाज
अक्षय तृतीया के अवसर पर अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। अब 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने हैं।
हालांकि यात्रा शुरू होते ही मौसम और गैस संकट ने व्यवस्थाओं को लेकर नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
इन जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 20 और 21 अप्रैल को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है।
इसके अलावा 20 अप्रैल को देहरादून, टिहरी और नैनीताल जिलों में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है।
तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी
19 और 20 अप्रैल को प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
22-23 अप्रैल को मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार 22 और 23 अप्रैल को पूरे उत्तराखंड में मौसम साफ रहने की संभावना है। इन दो दिनों में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को कुछ राहत मिल सकती है।
हालांकि 24 और 25 अप्रैल को एक बार फिर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली समेत पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक के आसार बने हुए हैं।
मैदानी इलाकों में गर्मी का कहर
इधर, प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी का असर दिख रहा है। देहरादून में अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पंतनगर में पारा 39.4 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार पिछले 24 घंटों में मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा है।
चारधाम यात्रा के शुरुआती दौर में मौसम और गैस संकट की दोहरी चुनौती ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। ऐसे में यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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