
देहरादून। दून में एक और बड़ा चिटफंड घोटाला सामने आया है। छह से सात प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर मुजफ्फरनगर के लविश चौधरी ने 100 से अधिक लोगों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी की और रकम लेकर फरार हो गया। इस मामले में मंगलवार को भी रायपुर थाना पुलिस ने 12 करोड़ का एक मुकदमा दर्ज किया था। इससे पहले भी 25 करोड़ की ठगी का मुकदमा दर्ज हो चुका है।
न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में कविता परमार निवासी नकरौंदा ने बताया कि आरोपित लविश चौधरी उर्फ नवाब निवासी घासीपुरा मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश ने ‘बाट ब्रो’, ‘यार्कर’ ‘यार्कर कैपिटल’, ‘बाट अल्फा’, ‘क्रास मार्केट’, ‘टीएलसी काइन’ और ‘माइन क्रिप्टो’ जैसे विभिन्न प्लेटफार्म चलाकर यह धोखाधड़ी की।
आरोपित ने इंटरनेट मीडिया, वेबसाइट और आनलाइन प्रचार अभियानों के माध्यम से इन प्लेटफार्म का प्रचार किया और दावा किया कि वह क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग सेवाएं प्रदान करते हैं। इसमें मासिक आधार पर पांच से छह प्रतिशत तक का गारंटीड रिटर्न मिलता है।
तीन साल पहले आरोपित ने किया संपर्कमहिला ने बताया कि लगभग तीन साल पहले आरोपित लविश चौधरी नेनिजी तौर पर अलग-अलग तरीकों से उनसे व अन्य पीड़ितों से संपर्क किया। वाट्सएप ग्रुप, वेबसाइट और प्रचार वाली बैठकों के जरिये लोगों को प्रलोभन देकर बड़ी रकम निवेश कराई।
आरोपित ने कई निवेशकों से पैसे इकट्ठा करने के बाद अक्टूबर से पैसे निकालने की सुविधा बंद कर दी और गायब हो गया। उनसे धोखाधड़ी की कुल रकम का अनुमान लगभग 8 करोड़ रुपये है, जिससे देहरादून इलाके के 100 से 120 से ज्यादा पीड़ित प्रभावित हुए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि 29 मई को उन्होंने रायपुर थाने में शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। कोर्ट के आदेश पर रायपुर थाना पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एलयूसीसी की तरह किया बड़ा घोटालालोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-आपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) की तरह यह भी उत्तराखंड का बड़ा घोटाला माना जा रहा है। आरोपित ने ट्रेडिंग के नाम पर कई हजार लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। पुलिस मुख्यालय की ओर से इस प्रकरण की जांच उत्तराखंड एसटीएफ को सौंपी गई है। जिस तरह धीरे-धीरे पीड़ित सामने आ रहे हैं, उससे यह घोटाला भी करोड़ों में होने का अनुमान है।
