

Kainchi Dham Development Project: नैनीताल का प्रसिद्ध कैंची धाम आने वाले समय में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बिल्कुल नए अंदाज में नजर आ सकता है. बढ़ती भीड़ और सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए यहां करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से कई बड़े विकास और सौंदर्यीकरण के काम चल रहे हैं. धाम में ऐसी मल्टीलेवल पार्किंग तैयार की जा रही है, जहां एक साथ 500 से अधिक वाहन खड़े हो सकेंगे. इसके अलावा ‘ॐ ब्रिज’, मेडिटेशन सेंटर, पैदल पुल और नई बुनियादी सुविधाएं भी इस परियोजना का हिस्सा हैं. खास बात यह है कि पार्किंग का एक हिस्सा जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर उतारने के काम भी आ सकेगा. आखिर कैंची धाम में क्या-क्या बदलने वाला है और कब तक पूरा होगा पूरा प्रोजेक्ट, जानिए पूरी डिटेल.
नैनीताल जिले का प्रसिद्ध कैंची धाम आने वाले महीनों में नए स्वरूप में नजर आएगा, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से विकास और सौंदर्यीकरण के कई काम किए जा रहे हैं. परियोजना के तहत पार्किंग, ब्रिज, मेडिटेशन सेंटर, शौचालय-बाथरूम कॉम्प्लेक्स समेत कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. दिसंबर 2026 तक अधिकांश कार्य पूरे करने का लक्ष्य है.
कैंची धाम में सबसे बड़ा बदलाव मल्टीलेवल पार्किंग के रूप में देखने को मिलेगा, पार्किंग में एक समय में 500 से अधिक वाहनों को खड़ा करने की क्षमता होगी. इसके तैयार होने के बाद धाम के आसपास सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग से होने वाली परेशानी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है. परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है.
मल्टीलेवल पार्किंग की खासियत सिर्फ वाहनों को खड़ा करने तक सीमित नहीं होगी. इसके ऊपरी हिस्से को हेली सेवा के लिए भी उपयोगी बनाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार आपातकालीन परिस्थितियों में यहां हेलीकॉप्टर उतारने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. सामान्य दिनों में इस स्थान का उपयोग पार्किंग के रूप में किया जाएगा, इससे किसी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा.
कैंची धाम परियोजना के तहत ‘ॐ ब्रिज’ का निर्माण भी कराया जा रहा है. निर्माण कार्य अंतिम चरण में बताया जा रहा है. तैयार होने के बाद यह ब्रिज कैंची धाम के सौंदर्य को नया रूप देने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, इसके साथ ही पैदल यात्रियों के लिए पेडेस्ट्रियन ब्रिज भी विकसित किया जा रहा है, जिससे पैदल आवाजाही को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी.
कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यहां मेडिटेशन सेंटर भी विकसित किया जा रहा है. कैंची धाम अपनी आध्यात्मिक पहचान के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं के बीच खास आस्था का केंद्र है. ऐसे में मेडिटेशन सेंटर को परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. इसके जरिए श्रद्धालुओं को शांत वातावरण में ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध कराने की योजना है.
कैंची धाम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है. परियोजना के तहत नए टॉयलेट और बाथरूम कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के दौरान सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ जाता है. ऐसे में नए कॉम्प्लेक्स तैयार होने से स्वच्छता और सुविधा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. यह परियोजना धाम के समग्र विकास का अहम हिस्सा है.
कैंची धाम में निर्माण कार्यों के साथ सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मल्टीलेवल पार्किंग के आसपास लैंडस्केपिंग और बड़े स्तर पर ग्रीनरी विकसित की जाएगी. इसका उद्देश्य क्षेत्र को व्यवस्थित और आकर्षक रूप देना है. धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण कैंची धाम में हरियाली बढ़ने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर वातावरण मिलने की उम्मीद है. विकास के साथ प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने पर भी जोर रहेगा.
लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना के अनुसार कैंची धाम में करीब 40 करोड़ रुपये की धनराशि से विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं. मल्टीलेवल पार्किंग और ‘ॐ ब्रिज’ समेत कई काम अंतिम चरण में हैं. दिसंबर 2026 तक परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यदि निर्धारित समय पर काम पूरा होता है, तो 2027 की शुरुआत में कैंची धाम श्रद्धालुओं को बेहतर पार्किंग, आवागमन, आपातकालीन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ नए स्वरूप में नजर आ सकता है.




