
Kainchi Dham Traffic Jam: तीन दिन के लंबे वीकेंड और बारिश थमने के बाद खुशनुमा हुए मौसम के बीच देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है. सरोवर नगरी नैनीताल और विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करोली के कैंची धाम में अचानक बढ़ी गाड़ियों की आवाजाही ने पहाड़ी मार्गों पर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है. नैनीताल के सभी प्रमुख पार्किंग स्थल फुल हो जाने के बाद पुलिस को पर्यटकों के चार पहिया वाहनों को रूसी बाईपास पर ही रोकना पड़ा है, जबकि शहर में बाहरी दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर भी सख्त पाबंदी लगा दी गई है. दूसरी तरफ पहाड़ों की रानी मसूरी में भी वीकेंड के दबाव से यातायात पटरी से उतर गया.
कैंची धाम से नैनीताल तक वाहनों की लंबी कतारेंलंबे अवकाश के चलते कुमाऊं के प्रवेश द्वारों से लेकर पहाड़ी मार्गों तक शनिवार सुबह से ही गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं. नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग, नैनीताल-भवाली मार्ग और ज्योलीकोट से कैंची धाम जाने वाली सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव रहा. कैंची धाम में बाबा नीम करोली के दर्शन के लिए सुबह से ही देश-विदेश से श्रद्धालु उमड़ने लगे, जिससे संकरी पहाड़ी सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं. इस भारी ट्रैफिक के कारण अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, धारचूला, बागेश्वर और हल्द्वानी की ओर आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों और स्थानीय लोगों को तीन घंटे से भी अधिक समय तक जाम में जूझना पड़ा.
पार्किंग फुल होने पर पुलिस ने लागू किया नया प्लानसैलानियों की रिकॉर्ड आमद को देखते हुए नैनीताल पुलिस-प्रशासन को आनन-फानन में नया ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू करना पड़ा. मामले की जानकारी देते हुए एसपी यातायात डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि लंबे वीकेंड के कारण अचानक पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल आया है. नैनीताल नगर की तमाम पार्किंग क्षमता पूरी तरह भर चुकी है, जिसके मद्देनजर अब सैलानियों की गाड़ियों को रूसी बाईपास पर पार्क कराया जा रहा है.
वहां से यात्रियों को निर्धारित शटल सेवा के जरिए नगर में भेजा जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रूसी बाईपास पर भी दबाव अनियंत्रित हुआ, तो वाहनों को काठगोदाम क्षेत्र में ही रोकने की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा यातायात सुचारु रखने के लिए पर्यटकों के दोपहिया वाहनों की नैनीताल में एंट्री बंद कर दी गई है.
जाम के बीच आस्था और पर्यटकों की आपबीतीभीमताल से नैनीताल पहुंचे पर्यटकों का कहना था कि महज कुछ किलोमीटर का फासला तय करने में उन्हें साढ़े तीन घंटे से ज्यादा का समय लग गया और शहर में पार्किंग स्पेस ढूंढना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. वहीं तमाम दिक्कतों और घंटों पैदल चलने के बावजूद कैंची धाम पहुंचे श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं दिखी.
पहली बार दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि बाबा नीम करोली महाराज के बुलावे पर वे यहां पहुंचे हैं. सनातन संस्कृति और आस्था के इस केंद्र पर हनुमान जी के साक्षात स्वरूप बाबा का आशीर्वाद पाने के लिए वे कितनी भी दूरी पैदल तय करने को तैयार हैं. कुल मिलाकर, वीकेंड पर उमड़े इस भारी सैलाब ने पर्यटन कारोबारियों के चेहरे तो खिला दिए हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे और यातायात प्रबंधन की कमजोरियों को भी पूरी तरह उजागर कर दिया है.
