देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हटाए गए मतदाताओं का विधानसभा-वार पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत में धस्माना ने कहा कि प्री-एसआईआर और एसआईआर के दौरान हटाए गए 13 लाख से अधिक मतदाताओं का विधानसभा क्षेत्रवार पूरा ब्यौरा प्रदेश की जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब इतने बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में बदलाव हुआ है तो निर्वाचन आयोग को इसकी पूरी प्रक्रिया और आंकड़ों में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।धस्माना ने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ऐसे तरीके से हटाए गए, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि फार्म-6 और फार्म-7 से संबंधित कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस की आशंकाएं और गहरी हुई हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटे हैं, उनके नामों की तत्काल जांच कराकर पात्र मतदाताओं को पुनः मतदाता सूची में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए।धस्माना ने कहा कि कांग्रेस एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची में की गई अनावश्यक जोड़-घटाव की प्रक्रिया को स्वीकार नहीं करेगी और निर्वाचन आयोग से पूरे मामले में स्पष्ट, पारदर्शी तथा विधानसभा-वार आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग करती है।गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर के बाद उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की गई, जिसमें कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। आयोग की वेबसाइट पर एसआईआर से संबंधित दस्तावेज और मतदाता सूचियों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।



