

देहरादून; अगले साल उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। एक तरफ कांग्रेस पार्टी कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बिना इजाजत रोड शो को लेकर बैकफुट में हैं और रावत को मनाने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर भाजपा ने बड़ी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में सत्ता विरोधी माहौल की काट के लिए भाजपा इस बार कई सीटों पर नए चेहरों को लाने की तैयारी में है।
पार्टी की राज्य में तैनात की गई संगठन प्रभारियों व सह प्रभारियों की टीम जहां संगठन को चुनावी मोड में लाने की रणनीति बना रही है, वहीं नए युवा चेहरों को भी खोज रही है। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड की राजनीतिक तासीर काफी बड़ी रही है। उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद राज्य की सत्ता भाजपा और कांग्रेस के बीच बंटती रही है। अभी भाजपा लगातार दूसरे कार्यकाल में सत्ता में है।
राम माधव जमीनी फीडबैक ले रहेऐसे में पार्टी रणनीतिकार सत्ता विरोधी माहौल का आकलन व उसकी काट की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य में संगठन प्रभारियों की तीन सदस्यीय टीम प्रभारी राम माधव , सह प्रभारी अरविंद मेनन व बांसुरी स्वराज राज्य का जमीनी फीडबैक हासिल कर रहे हैं।
नए चेहरों को मिल सकता है टिकटसूत्रों के अनुसार, इस बार कई सीटों पर नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं। पार्टी के प्रभारी संपर्क व संवाद के दौरान संभावित चेहरों खासकर युवाओं पर भी नजर रख रहे हैं, जो बदलाव की प्रक्रिया में आगे लाए जा सकते हैं। इनमें युवा मोर्चा व अन्य मोर्चों के साथ प्रदेश संगठन में सक्रिय युवा चेहरों की संभावित दावेदारी को भी कसौटी पर कसा जाएगा।
भाजपा करेगी विधानसभा प्रभारियों की घोषणाविधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत भाजपा जल्द सभी विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की नियुक्ति करने जा रही है। प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रबंधन में इन प्रभारियों की सबसे अहम जिम्मेदारी होगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अक्तूबर में ही विस प्रभारियों की नियुक्ति का काम शुरू हो जाएगा। विस प्रभारी के रूप में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ ही संघ के पूर्णकालिक सदस्यों को तैनाती दी जाएगी। इनका काम नेताओं के साथ समन्वय से चुनाव प्रबंधन होगा। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि विस प्रभारियों की तैनाती की कवायद शुरू की जा रही है।




