

देहरादून। प्रदेश में अब नए वोटर को मैपिंग नहीं करानी पड़ेगी। वोटर की मैपिंग के लिए फार्म-चार का इस्तेमाल केवल एसआइआर के लिए ही होना था। अब चूूंकि एसआइआर की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। ऐसे में अब नए मतदाताओं को वर्ष 2003 से मैपिंग कराने की जरूरत नहीं है। इतना जरूर है कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) यदि चाहे तो वह मतदाता से अपनी संतुष्टि के लिए पुराने दस्तावेज भी दिखाने को कह सकता है।
सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर सत्यापन के दौरान उन युवाओं के भी फार्म-छह भरवाएंगे, जो एक अक्टूबर, 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर मतदाता बनने के पात्र हो गए हैं।
बूथवार तैयार सूची राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट से साझा की जाएगी। अंतिम चरण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) भी बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएंगे, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने का अवसर मिल सके। इस दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा विजय कुमार जोगदंडे और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास भी उपस्थित थे।
राजनीतिक दलों से की सहयाेग की अपीलमुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी को आठ अक्टूबर से शुरु होने वाले विशेष अभियान की जानकारी दी। उन्होंने सभी से इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग की अपेक्षा भी की।
इस तरह कटे सूची से 13.03 लाख नामप्रदेश में एक जनवरी, 2025 को जारी मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 84,29,459 मतदाता शामिल हैं। इसके बाद मतदाता सूची फ्रीज करने तक 7,73,445 नाम काटे गए। इसके बाद एसआइआर में फार्म वापस न मिलने के बाद 8,26,997 और दावे और आपत्तियों के दौरान 1,04,708 वोटरों के नाम सूची में हटाए गए।
यह संख्या 17,05,130 बनी। यद्यपि, मतदाता सूची फ्रीज होने से पहले 2, 71,404 नए मतदाता भी बनें। इसके बाद दावे और आपत्तियों के दौरान 1,29,872 नए मतदाता बनाए गए। यानी इस अवधि में कुल 4,01,276 नए मतदाता बनें। इस तरह एक जनवरी, 2025 को जारी मतदाता सूची में से कुल 13,03,854 मतदाताओं के नाम कम हुए हैं। अभी प्रदेश में कुल 71,59,949 मतदाता हैं।


