
शादी के समय पहली शादी छिपाने का आरोप, जातिसूचक अपमान और धमकी देने की भी शिकायत;
वीडियो में भावुक होकर रोती नजर आईं मंत्री, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पारिवारिक विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। मंत्री ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून की कैंट कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मंत्री ने पति पर धोखे से विवाह करने, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले के सामने आने के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में रेखा आर्य भावुक होकर रोती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह अपनी पीड़ा व्यक्त करती नजर आती हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
शादी के समय पहली शादी छिपाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, रेखा आर्य ने 6 जुलाई 2004 को उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया था। मंत्री का आरोप है कि विवाह के समय उनके पति ने अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाई थी।
रेखा आर्य के अनुसार, कुछ साल बाद उन्हें पता चला कि गिरधारी लाल साहू पहले से विवाहित थे और उनके बच्चे भी हैं। शिकायत में पति के दूसरी महिलाओं से कथित संबंध होने का भी आरोप लगाया गया है।
विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप
रेखा आर्य ने शिकायत में आरोप लगाया है कि पति के कथित संबंधों का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में पति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर उनका व्यवहार नहीं बदला।
मंत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
सरकारी आवास में जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप
शिकायत में रेखा आर्य ने अपने पति पर सरकारी आवास में कर्मचारियों के सामने जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है।
इसके अलावा, मंत्री ने संबंधित कंपनियों में निदेशक पद से हटाने के लिए कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने न तो ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और न ही कोई त्यागपत्र दिया।
हत्या की साजिश से जुड़े ऑडियो का भी जिक्र
मंत्री ने पुलिस को एक कथित ऑडियो के बारे में भी जानकारी दी है। आरोप है कि इस ऑडियो में गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान रेखा आर्य की हत्या की साजिश से जुड़ी बातें कर रहे हैं।
इस दावे की सत्यता, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें कथित बातचीत के संदर्भ की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
रेखा आर्य ने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए पुलिस से सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
एसपी सिटी शेखर सुयाल के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, रेखा आर्य की शिकायत के आधार पर उनके पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य सामने आते हैं और पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है।
भावुक वीडियो के बाद तबीयत बिगड़ने की खबर
इस पूरे प्रकरण के बीच रेखा आर्य का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
मामले के पारिवारिक और कानूनी पहलुओं के बीच मंत्री की सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस जांच पर लोगों की नजरें टिकी हैं।
कांग्रेस ने भी दी प्रतिक्रिया
इस मामले पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने प्रतिक्रिया देते हुए घटना को दुखद बताया। साथ ही उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए रेखा आर्य की पूर्व भूमिका पर सवाल उठाए और राजनीतिक टिप्पणी की।
इस बयान के बाद मामला केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित न रहकर प्रदेश की सियासत में भी चर्चा का विषय बन गया है।
अब इन सवालों के जवाब जांच से मिलेंगे
क्या विवाह के समय पहली शादी छिपाई गई थी?
मारपीट, धमकी और जातिसूचक टिप्पणी के आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य हैं?
कथित ऑडियो की प्रामाणिकता क्या है?
मंत्री और उनके बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
फिलहाल, मामले में पुलिस जांच जारी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। जांच और कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे।
Post Views: 3
Post navigation



