
देहरादून, । यूपीईएस विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। छह दिन तक चलने वाले इस समारोह में कुल 4,795 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं। 22 से 27 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के सात स्कूलों और यूपीईएस ऑनलाइन के लिए 12 अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए पदक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।समारोह के उद्घाटन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुनील राय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उद्घाटन सत्र में विभिन्न स्कूलों के शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधियां भी प्रदान की गईं। इसके बाद यूपीईएस ऑनलाइन का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक सफलता उसके भवनों और परिसर से नहीं, बल्कि वहां से निकलने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और उनके योगदान से मापी जाती है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के साथ शोध, कौशल विकास और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रतिभाओं को तैयार करने में यूपीईएस ने अपनी पहचान बनाई है। यूपीईएस उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेगा।कुलपति डॉ. सुनील राय ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ उनकी मेहनत, जिज्ञासा, दृढ़ संकल्प और महत्वाकांक्षा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उभरती तकनीकों के कारण दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे समय में शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलाव के अनुरूप ढालने, नवाचार करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा, शोध, नवाचार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है।कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों को भी मिली उपाधियांदीक्षांत समारोह के पहले दिन स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस का समारोह भी आयोजित किया गया। इसमें बीएससी, बीसीए, एमसीए और एमटेक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। उत्तराखंड सरकार के मंत्री प्रदीप बत्रा मुख्य अतिथि और अपस्विंग कॉग्निटिव हॉस्पिटैलिटी सॉल्यूशंस के संस्थापक एवं सीटीओ हर्ष माथुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पदक देकर सम्मानित किया गया।27 अक्टूबर तक चलेंगे विभिन्न स्कूलों के समारोहविश्वविद्यालय के अनुसार, 23 और 24 अक्टूबर को स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस के विभिन्न पाठ्यक्रमों के दीक्षांत समारोह आयोजित होंगे। 24 अक्टूबर को स्कूल ऑफ लॉ का समारोह होगा, जिसमें प्रदेश के मंत्री धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।25 अक्टूबर को स्कूल ऑफ बिजनेस के स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग समारोह आयोजित किए जाएंगे। 26 अक्टूबर को स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी तथा स्कूल ऑफ डिजाइन के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। वहीं, 27 अक्टूबर को स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग और स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज एंड ह्यूमैनिटीज के दीक्षांत समारोह के साथ छह दिवसीय आयोजन का समापन होगा।इन कार्यक्रमों में सरकार, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और शोध संगठनों से जुड़े विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता, उद्योगों के साथ सहयोग, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों को समाज तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करना है।



