

लालकुआं। गोरापड़ाव ओवरब्रिज पर शुक्रवार को हुए हादसे में तीन छात्रों की मौत और एक छात्रा के घायल होने की घटना ने हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत फिर उजागर कर दी है। इस सड़क पर लंबे समय से दुर्घटनाएं हो रही हैं। हादसों और जाम पर अंकुश लगाने के लिए एनएच-109 पर गोरापड़ाव और तीनपानी में फ्लाईओवर व अंडरपास निर्माण को मंजूरी दी गई है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इन कार्यों से यातायात का दबाव कम होने और दुर्घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है।
लालकुआं शहर को भी जाम से राहत दिलाने के लिए बाईपास परियोजना को केंद्र की मंजूरी मिल गई है। कुल 7.2 किलोमीटर लंबी परियोजना में 5.277 किलोमीटर नया मार्ग बनेगा। चार लेन के इस मार्ग से भारी और बाहरी वाहन शहर के बाहर से गुजर सकेंगे।
तीन छोटे पुल, दो चार लेन रेलवे पुल और चार वाहन अंडरपास प्रस्तावितपरियोजना में तीन छोटे पुल, दो चार लेन के रेलवे पुल और चार वाहन अंडरपास प्रस्तावित हैं। नगला बाईपास के पास टांडा क्षेत्र में करीब 600 मीटर सड़क का संरेखण बदलकर तीखे मोड़ को भी सीधा किया जाएगा। परियोजना के लिए 31.40 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी, जिसमें 23.5 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। भूमि अधिग्रहण के साथ वन, रेलवे और वन्यजीव संबंधी अनुमतियां ली जाएंगी।
पंतनगर एयरपोर्ट के आसपास मार्ग में बदलाव की संभावना भी तलाशी जाएगी। इसके अलावा हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास को भी मंजूरी मिली है। इसकी लंबाई 8.4 किलोमीटर होगी। मौजूदा सड़क को चार लेन करने, गौला नदी पर नया दो लेन का पुल बनाने और करीब 1.4 किलोमीटर मार्ग में बदलाव का प्रस्ताव है।
केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि लालकुआं बाईपास की डीपीआर तैयार हो गई है। हल्द्वानी स्टेडियम से काठगोदाम गौला पुल तक सड़क को भी चार लेन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और विकास को गति मिलेगी। दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।



