
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा होने से टल गया। हनीमून होटल के पास अचानक एक लोडिंग जीप अनियंत्रित होकर खड़ी गाड़ियों पर चढ़ गई, जिससे तीन कारें और एक स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि उस समय वाहनों के अंदर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था।
कैसे हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, हनीमून होटल के आगे पिछले कुछ दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है। मंगलवार दोपहर एक लोडिंग जीप निर्माण सामग्री (सीमेंट, बजरी आदि) लेकर साइट पर जा रही थी। अचानक जीप का ब्रेक फेल हो गया। चालक ने कई बार वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन जीप सीधे होटल की पार्किंग में घुस गई और वहां खड़ी तीन कारों से जा टकराई।
टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि दो अन्य वाहनों को भी भारी नुकसान हुआ। वहीं, पास में खड़ी एक स्कूटी भी जीप की चपेट में आ गई।
बड़ा हादसा टला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर जीप पार्किंग में खड़ी कारों से न टकराती तो वह सीधे नीचे माल रोड की ओर जा गिरती। नीचे उस समय काफी भीड़ थी, जिससे जनहानि की संभावना बहुत अधिक थी।
हादसे की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों की जांच की और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
ड्राइवर ने क्या कहा
जीप चालक ने बताया कि वह निर्माण साइट पर सामान पहुंचाने जा रहा था, तभी अचानक गाड़ी के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया।
“मैंने हैंडब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन जीप रुक नहीं पाई और सीधे पार्किंग में घुस गई,” — चालक ने पुलिस को बताया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला ब्रेक फेल का प्रतीत हो रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी। जिन गाड़ियों को नुकसान हुआ है, वे दिल्ली और हरियाणा से आए पर्यटकों की थीं।
एक पर्यटक ने बताया —
“हम मसूरी घूमने आए थे और होटल के कमरे में आराम कर रहे थे। अचानक बताया गया कि हमारी गाड़ी को टक्कर लग गई है। नीचे जाकर देखा तो पूरी कार पिचक चुकी थी। अब बीमा क्लेम भी मुश्किल है क्योंकि मामला थर्ड पार्टी एक्सीडेंट का है।”
पर्यटकों ने प्रशासन से दोषी पक्ष से मुआवज़ा दिलाने की मांग की है।
निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों ने हादसे के बाद हनीमून होटल के आगे चल रहे निर्माण कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कई निर्माण एमडीडी (MDDA) द्वारा ऐसे क्षेत्रों में स्वीकृत किए गए हैं जो संवेदनशील और नोटिफाइड ज़ोन में आते हैं।
लोगों का आरोप है कि पिछली बोर्ड अवधि में कई प्लॉट्स को अवैध रूप से वैध ठहराया गया और फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए गए, जिसके चलते अब असुरक्षित निर्माण हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह हादसा एक “चेतावनी संकेत” है और प्रशासन को ऐसे निर्माण कार्यों की सुरक्षा समीक्षा तुरंत करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।
