विशिष्ट पहचान बना रही है आदि कैलाश परिक्रमा: महाराज

पर्यटन मंत्री ने किया ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF) में प्रतिभाग
देहरादून/अहमदाबाद। उत्तराखण्ड साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। आगामी 20 से 25 अक्टूबर, 2026 तक पिथौरागढ़ में आयोजित होने वाली आदि कैलाश परिक्रमा अल्ट्रा रन विश्व के कठिनतम उच्च हिमालयी आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है।
उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित महात्मा मंदिर, कन्वेंशन एंड एग्जिविशन सेन्टर में ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF) में प्रतिभाग करते हुए कही। राज्य में पर्यटन क्षेत्र में स्थापित हो रहे नित नये आयामों से अवगत करवाते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक राज्य ही नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का अद्भुत संगम है। हमारा प्रदेश ऋषियों, मुनियों और श्रद्धालुओं की साधना भूमि है।
पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड की पहचान केवल चारधाम यात्रा तक सीमित न रहे, बल्कि इसे एक समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए। इसी दिशा में हम आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, वेलनेस एवं योग पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, इको-टूरिज्म, होमस्टे पर्यटन तथा सीमा पर्यटन को नई गति प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के सीमांत गांवों को पर्यटन और आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि पर्यटन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और स्थानीय समुदाय पर्यटन विकास के साझेदार बनें।
महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड में होमस्टे क्रांति ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की है। राज्य में हजारों होमस्टे पंजीकृत हो चुके हैं और लाखों पर्यटक स्थानीय परिवारों के साथ रहकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपराओं और आतिथ्य का अनुभव कर रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। चारधाम यात्रा प्रबंधन में भी उत्तराखण्ड ने अनेक नवाचार किए हैं। आधार आधारित एवं ई-केवाईसी युक्त पंजीकरण व्यवस्था ने यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि गुजरात और उत्तराखण्ड का संबंध केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक भी है। गुजरात के श्रद्धालुओं की चारधाम के प्रति गहरी आस्था और गुजरात की उद्यमशीलता की भावना, उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण सहयोगी रही है। उन्होंने टीटीएफ में उपस्थित सभी ट्रैवल ऑपरेटर्स, टूर एजेंसियों, निवेशकों और मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह करता हूँ कि वे उत्तराखण्ड को केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण हिमालयी अनुभव के रूप में अपने ग्राहकों और दर्शकों तक पहुँचाएँ।
इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी,गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे सहित विभिन्न प्रदेशों के पर्यटन अधिकारी मौजूद थे।

shivani Rawat

Share
Published by
shivani Rawat

Recent Posts

काबिना मंत्री खजानदास ने किया मन्नुगंज एवं रिस्पना का भ्रमण

देहरादून : लगातार हो रही बरसात के दौरान नदी किनारे रह रहे लोगों की सुरक्षा…

6 minutes ago

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात

459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ- रावत  एनआईटी श्रीनगर के…

27 minutes ago

कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे- जिलाधिकारी

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथों का निरीक्षण कर एसआईआर आपत्ति…

1 hour ago

उत्तराखंड में कुदरत का कहर: उफान पर गंगा और अलकनंदा, 132 सड़कें बंद, 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की प्रचंड बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।…

2 hours ago

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई वन भूमि हस्तांतरण की बैठक

जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों में तेजी, समयबद्ध फॉलोअप और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के दिए…

2 hours ago