
आरा गांव के एक बुजुर्ग विकलांग जोड़े ने तहसील कार्यालय पहुंचकर स्थानीय निवासियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कुछ ग्रामीण उन्हें लगातार तंग कर रहे हैं, साथ ही सार्वजनिक जल स्रोत से पानी उपयोग करने पर रोक लगा दी गई है। इस मामले की जानकारी मिलते ही उप जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को घटनास्थल पर जाकर त्वरित कदम उठाने का निर्देश दिया।घटना के अनुसार, 75 वर्षीय दल्लू दास और उनकी पत्नी सल्लो देवी तहसील भवन पहुंचे और वहां की सीढ़ियों पर बैठ गए। उप जिलाधिकारी प्रेम लाल की नजर पड़ते ही उन्होंने दंपत्ति से उनकी परेशानी के बारे में पूछताछ की। दंपत्ति ने खुलासा किया कि गांव के कुछ लोग उनके परिवार को निरंतर प्रताड़ित कर रहे हैं। वे अक्सर उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं, शारीरिक हमला करते हैं और जानलेवा धमकियां देते हैं। उन्होंने उप जिलाधिकारी को एक लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें यह भी उल्लेख किया गया कि ग्रामीणों ने सामुदायिक नल से पानी लेने या पीने पर प्रतिबंध लगा रखा है।उप जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार राजेंद्र लाल को मौके पर जाकर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया। उप जिलाधिकारी ने कहा कि नायब तहसीलदार को जांच के लिए भेजा गया है। परीक्षण पूरा होने के बाद नियमों के अनुरूप उचित कदम उठाए जाएंगे।
