
चंपावत जिले में लघु खनिजों के भंडारण और परिवहन नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन तथा खनन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। टनकपुर के उप जिलाधिकारी आकाश जोशी और जिला खान अधिकारी चित्रा जोशी के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने पूर्णागिरि तहसील के ग्राम ज्ञानखेड़ा क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान तीन स्वीकृत लघु खनिज रिटेल भंडारण स्थलों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन स्थलों को पांच वर्ष की अवधि के लिए शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी, लेकिन वहां न तो खनिज भंडारण की ऊंचाई से एक मीटर अधिक ऊंचाई वाली चारदीवारी या कवर्ड फेंसिंग का निर्माण हुआ था और न ही वजन मापने के लिए धर्मकांटा स्थापित किया गया था। टीम को अन्य कई खामियां भी मिलीं।
इसके बाद प्रशासन ने अवैध लघु खनिज परिवहन तथा भंडारण पर कार्रवाई करते हुए कुल 7.35 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया। भंडारण संचालकों को निर्देश दिया गया कि 15 दिनों के अंदर चारदीवारी या कवर्ड फेंसिंग का निर्माण तथा धर्मकांटा स्थापना के प्रमाण फोटो सहित जमा करें। ऐसा नहीं करने पर नियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई क्षेत्रीय लोगों की शिकायतों और प्रदर्शन के बाद हुई, जिसमें खनन भंडारण नियमों के उल्लंघन से आमजन को हो रही असुविधाओं का मुद्दा उठाया गया था। प्रशासन की इस सख्ती से खनन व्यवसाय से जुड़े लोगों में खासी बेचैनी है।
दूसरी ओर, ऊधम सिंह नगर जिले में भी अवैध मिट्टी खनन के मामले लगातार प्रकाश में आ रहे हैं। खनन माफिया इतने बेखौफ हैं कि वे राजस्व टीम के साथ दुर्व्यवहार करने से भी नहीं हिचकते। हालिया घटना सितारगंज तहसील के निर्मल नगर क्षेत्र की है, जहां राजस्व टीम ने अवैध रूप से मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। इस पर माफिया ने टीम के साथ अभद्रता की और वाहन छुड़ाने का प्रयास किया।
इस मामले में तहसीलदार सितारगंज हिमांशु जोशी ने अज्ञात खनन माफियाओं के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं खनन माफिया के बढ़ते हौसलों को दर्शाती हैं, जिस पर प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है।
