दोस्ती के बाद झूठे वादे और धर्मांतरण कर निकाह की साजिश, उत्तराखंड में ‘द केरल स्टोरी’ जैसी घटना – myuttarakhandnews.com

2023 में आई फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ में जिस तरह लड़की को बहलाकर और झूठे वादों के बाद धर्मांतरण और निकाह के बाद बर्बरता दिखाई गई थी, वैसा ही मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आया है। यहां अबू तालिब नाम के आरोपी ने लड़की से दोस्ती की, झूठे वादे किए और फिर अपने दोस्त से उस लड़की का निकाह फिक्स करवा दिया। बुर्का, पैसे और कैब लाकर लड़की को दिल्ली ले जाकर निकाह की तैयारी थी, लेकिन आखिर समय पर लड़की ने मना कर दिया और बड़ी वारदात होने से बच गई। पुलिस ने मामले में छांगुर गैंग के चार लोगों को दबोचा है। हैरानी की बात ये है कि आरोपी आगरा में भी धर्मांतरण के दूसरे मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं।
रानीपोखरी में युवती के धर्मांतरण की साजिश में शामिल छांगुर गैंग के चार आरोपियों को शनिवार को देहरादून कोर्ट में पेश किया गया। आगरा पुलिस आरोपियों को दून लेकर आई थी। कोर्ट में पेशी के बाद चारों को देर शाम वापस आगरा ले जाया गया।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि रानीपोखरी की युवती को अब्दुर रहमान नाम के व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर धर्मांतरण के लिए बहकाने की कोशिश की थी। इस मामले में केस दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि साजिश में अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह निवासी भगत विहार करावलनगर दिल्ली, एसवी कृष्णा उर्फ आयशा निवासी एलडीडीए डे गोवा, अब्दुर रहमान उर्फ रुपेंद्र सिंह निवासी मोहम्मद हुकूमतपुर सहसपुर देहरादून मूल निवासी मैनपुरी यूपी, अबू तालिब निवासी किदवईनगर खालापार मुजफ्फरनगर शामिल थे। चारों पहले से आगरा में दर्ज धर्मांतरण के दूसरे मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एसएसपी अजय सिंह के अनुसार चारों के खिलाफ दून पुलिस ने कोर्ट में वारंट-बी जारी करने का अनुरोध किया था। कोर्ट से अनुमति के बाद आगरा पुलिस ने चारों को दून कोर्ट में पेश किया।
युवती को दिल्ली ले जाकर निकाह की थी साजिशपुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पीड़िता की दोस्ती फेसबुक पर अबू तालिब से हुई थी। अबू ने युवती को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया और कई झूठे वादे किए। बाद में उसने युवती की मुलाकात अपने दोस्त अयान से कराई। इसे बाद दिल्ली ले जाकर दोनों का निकाह कराने की योजना बनाई गई।
आरोपियों ने पैसे-कपड़े के साथ कैब तक भिजवाईएसएसपी के अनुसार आयशा उर्फ कृष्णा, अब्दुर रहमान और अब्दुल रहमान ने रानीपोखरी की युवती को आर्थिक मदद दी। ऑनलाइन कपड़े भिजवाए। मोबाइल फोन और सिम दिए गए। उससे व्हाट्सऐप बिजनेस डाउनलोड करने को कहा ताकि संपर्क बना रहे। रानीपोखरी के लिए कैब तक भेजी, पर युवती ने आखिर में मना कर दिया। उसे दिल्ली में अब्दुल के ‘सेफ हाउस’ में रखने की योजना थी।
 

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