चकराता। उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा ने चकराता विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कराए गए विकास कार्यों में व्यापक अनियमितताओं, दस्तावेजी फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। मोर्चा का दावा है कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त अभिलेखों और वर्ष 2023-24 में विधायक निधि से कराए गए कार्यों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि जांच के दौरान अनेक कार्यों में नियमों का खुला उल्लंघन पाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश कार्यों में प्रारंभ, प्रगति और पूर्णता की अनिवार्य फोटो उपलब्ध नहीं हैं, जबकि कई मामलों में एक ही फोटो का उपयोग अलग-अलग कार्यों को पूर्ण दर्शाने के लिए किया गया है।
मोर्चा के अनुसार आरटीआई के माध्यम से प्राप्त 531 फाइलों में न तो बिल उपलब्ध हैं और न ही पर्याप्त फोटोग्राफ। कई बिल-वाउचरों पर जीएसटी नंबर नहीं हैं तथा जिन प्रतिष्ठानों के नाम दर्ज किए गए हैं, उनका वास्तविक अस्तित्व भी संदिग्ध पाया गया है।
प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ कार्यों की जियो-टैग्ड फोटो वर्ष 2024 की हैं, जबकि उन्हीं कार्यों के लिए वर्ष 2025 की श्रमिक उपस्थिति पंजिकाएं संलग्न की गई हैं। कई उपस्थिति पंजिकाओं में हस्ताक्षरों के फर्जी होने के प्रमाण मिलने का भी दावा किया गया। मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ उपस्थिति पंजिकाओं में ऐसे व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं जिनका निधन करीब दस वर्ष पहले हो चुका है।
मोर्चा का कहना है कि विधायक निधि का उपयोग सार्वजनिक हित के लिए होना चाहिए, लेकिन कई कार्य ऐसे पाए गए जिनका लाभ सीधे व्यक्तिगत व्यक्तियों को पहुंचाया गया।
बॉबी पंवार ने कहा कि यह केवल अनियमितता नहीं बल्कि जनता के धन के साथ सुनियोजित विश्वासघात है। यदि मृत व्यक्ति मजदूरी कर रहे हैं, एक ही फोटो से दर्जनों काम पूरे दिखाए जा रहे हैं और फर्जी बिलों पर भुगतान हो रहा है, तो यह सरकारी धन की खुली लूट है।
उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और फर्जी बिल प्रस्तुत करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि प्रेस वार्ता के सात दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो चकराता ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी तथा मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय, देहरादून पर लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में चकराता विधानसभा प्रभारी स्वराज चौहान, सह प्रभारी अतर सिंह चौहान, चकराता ब्लॉक अध्यक्ष यशपाल रावत, कालसी ब्लॉक अध्यक्ष यशपाल राठौर, अखिल तोमर, बिट्टू वर्मा, संजय चौहान, विशाल चौहान, जसपाल चौहान सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Post Views: 2
Post navigation
देहरादून। उत्तराखंड में जनहित के मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेशव्यापी ‘उत्तराखंड न्याय…
my uttarakhand news Bureau Mussoorie, 18 Oct: The ‘Seva Sankalp Abhiyan’ launched by the Mussoorie…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 18 Oct: A delegation of international film producers met Chief…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 18 Oct: State Cabinet Minister Ganesh Joshi inaugurated various development…
Dehradun, Oct 18 (IANS): Bollywood actor Akshay Kumar met Chief Minister Pushkar Singh Dhami at…
चमोली; बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल…