देहरादून। राजधानी देहरादून के तिब्बती मार्केट के समीप हुए चर्चित अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पुलिस जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद दून पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं। पुलिस के अनुसार घटना की गुत्थी लगभग सुलझ चुकी है।
जांच में विनोद उनियाल को इस पूरे प्रकरण का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। बुधवार को पुलिस मुठभेड़ के बाद राजू नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला है और विनोद उनियाल का ड्राइवर बताया जा रहा है। पुलिस पहले ही राजू और पंकज को हिरासत में ले चुकी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा और कारोबारी विनोद उनियाल के बीच करीबी संबंध थे। बताया जा रहा है कि अर्जुन के पिता, जो सेना में कर्नल हैं, के तबादले के बाद विनोद उनियाल का परिवार के साथ दखल बढ़ गया। इस दौरान कर्नल परिवार की कुछ जमीनों की बिक्री भी की गई। परिजनों, विशेषकर अर्जुन, को आशंका थी कि उनकी हिस्सेदारी की संपत्ति भी बेची जा सकती है, जिसको लेकर विवाद की स्थिति बन रही थी।
इसी बीच बीना शर्मा ने अपने पुत्र अर्जुन से जान को खतरा बताते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और सुरक्षा भी हासिल की थी। हालांकि, अर्जुन के दोस्तों ने घटना के बाद मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया था कि विनोद उनियाल लगातार दबाव और धमकी दे रहा था तथा किसी की परवाह नहीं करता था।
मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब सामने आया जब मृतक अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा की शिकायत पर डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। एफआईआर में सास बीना शर्मा, कारोबारी विनोद उनियाल, उनकी पत्नी संगीता उनियाल तथा एसके मेमोरियल अस्पताल के संचालक डॉ. अजय खन्ना को नामजद किया गया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ और प्रभावशाली नामों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य एकत्र कर रही है और मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास जारी है।

