
उत्तराखंड : उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में वन्यजीवों के हमले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले दो दिनों में बाघ और गुलदार के हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने और अकेले घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
पहली घटना शुक्रवार देर शाम जयहरीखाल ब्लॉक के सीरोबाड़ी गांव की है। यहां 60 वर्षीय उर्मिला देवी खेतों के पास पशुओं के लिए चारा लेने गई थीं। तभी घात लगाए बैठे एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया। काफी देर तक घर न लौटने पर जब ग्रामीण उन्हें खोजने निकले, तो उनका शव खेतों में खून से लथपथ हालत में मिला। परिवार का कहना है कि उर्मिला देवी रोज की तरह चारा लेने गई थीं, तभी अचानक बाघ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने शव उठाने से मना कर दिया और विरोध शुरू कर दिया।
इसके एक दिन पहले गुरुवार की सुबह चवथ पट्टी क्षेत्र के गजल्ड गांव में एक और घटना हुई। मंदिर से वापस लौट रहे 42 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद नौटियाल पर गुलदार ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। लगातार दो दिनों में दो लोगों की मौत से पूरा क्षेत्र डर और आक्रोश में है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत कार्रवाई करने और आदमखोर वन्यजीवों को पकड़ने की मांग की है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुलदार को पकड़ने के प्रयास लगातार चल रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले घर से बाहर न निकलें, खासकर सुबह और शाम के समय। विभाग का कहना है कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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