पोखरी विकासखण्ड में भालू का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है।जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में शनिवार सुबह छात्र देवेश और पंकेश दोनों कैलब से विद्यालय आ रहे थे। आंगनवाड़ी के समीप भालू के बच्चे ने देवेश का पांव पकड़ लिया। भालू पर जब पंकेश ने पत्थर मारा तब भालू ने देवेश का पांव छोड़ दिया। पांव पर हल्का निशान बने हुए हैं।
जिस पर शिक्षक मनबरसिंह ने छात्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी लेकर आए जहां उपचार किया गया। डॉ मोहनी ने कहा उपचार के बाद छात्र को घर भेज दिया गया है। वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने कहा वन विभाग टीम जांच में लगी हुई है। उस क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
दिवेश ने कहा कि मैं बहुत डर गया था अगर पंकेश हिम्मत न दिखता तो आज कुछ भी हो सकता था वह मेरा सच्चा दोस्त है ग्रामीण नो वन विभाग से सुरक्षा की मांग .
भालू के हमले से देवेश घबराया तो पंकेश किसने दिखाई हिम्मत . अचानक अभी इस हमले से देवेश पूरी तरह बुरी तरह घबरा गया और चिल्लाने लगा ऐसी स्थिति में अक्सर बड़े-बड़े लोग डर जाते हैं .और डर कर भाग जाते हैं. क्योंकि हर किसी को अपनी जान की चिंता रहती है .लेकिन कहते हैं न की दोस्ती संकट के समय दुख के समय काम नहीं तो फिर वह दोस्त किस बात का यही आज एक मित्र ने दूसरे मित्र की जान बचाने के लिए हिम्मत जुताई उसकी पूरी क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है.
लेकिन देवेश के साथ चल रहे पंकेश ने गजब का धैर्य दिखाया पंकेश वहां से भाग नहीं बल्कि अपने दोस्त की जान बचाने के लिए वह डटा रहा , उसने बिना वक्त गंवाए जमीन से पत्थर उठाया और पूरी ताकत से भालू पर हमला किया पंकेश की इस हिम्मत से भालू डरकर भाग गया और देवेश को छोड़कर तुरंत जंगल की ओर भाग गया , शिक्षक मनमोहन सिंह पहुंचे और आनंद-खनन में घायल देवेश को अस्पताल पहुंचाया
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