
देहरादून। नए साल के जश्न के बीच साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने में सक्रिय हो गए हैं। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘New Year Gift’ के नाम से भेजी जा रही संदिग्ध .apk फाइलें लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इन फाइलों के जरिए ठग मोबाइल में मैलवेयर (वायरस) डालकर निजी जानकारी और बैंक खातों तक पहुंच बना सकते हैं।साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई फाइल को डाउनलोड न करें। कोई भी वैध कंपनी या जान-पहचान वाला व्यक्ति गिफ्ट देने के लिए कभी भी ऐप इंस्टॉल करने को नहीं कहता। ऐसे में मुफ्त उपहार, कैशबैक या इनाम के लालच में आकर अपनी निजी या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐप हमेशा केवल Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें। सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए भेजी गई लिंक और फाइलें साइबर ठगी का माध्यम हो सकती हैं।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना चाहिए या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।प्रशासन और साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि नए साल की खुशियों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें, ताकि आपका नया साल किसी परेशानी के साथ शुरू न हो।
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