देहरादून, त्यूणी तहसील क्षेत्र के भूठ गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां राजकीय हाईस्कूल के एक कमरे में तीन श्रमिक मृत पाए गए। मृतकों की पहचान डिरनाड गांव के प्रकाश और संजय, तथा पट्यूड गांव के संदीप के रूप में हुई है। तीनों लंबे समय से भूठ गांव में निर्माण से जुड़े काम कर रहे थे।
घटनास्थल पर पहुंचे राजस्व विभाग के अनुसार, कमरे का दरवाजा और खिड़कियां भीतर से बंद थीं और अंदर एलपीजी गैस की तेज गंध फैली हुई थी। तीनों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे प्रारंभिक तौर पर गैस रिसाव से दम घुटने की आशंका जताई जा रही है।
नायब तहसीलदार सरदार सिंह राणा ने बताया कि सुबह ग्रामीणों ने सूचना दी कि मजदूरों द्वारा कमरा नहीं खोला जा रहा है और गैस की तीव्र गंध बाहर तक महसूस हो रही है। प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जब दरवाजा तोड़ा गया, तो तीनों व्यक्ति बेसुध हालत में मिले। निरीक्षण में यह पाया गया कि एलपीजी सिलिंडर पूरी तरह खाली था।
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पहले ही सिलिंडर रिफिल कराया गया था। प्रकाश और संजय सगे भाई थे, जबकि संदीप भी उनका रिश्तेदार था। तीनों पिछले कई दिनों से भूठ गांव में रहकर मकानों की मरम्मत और निर्माण कार्य में लगे हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच गैस लीकेज की ओर इशारा करती है, हालांकि मृत्यों के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
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