धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर: कोटद्वार में अवैध खनन पर 1.65 करोड़ से अधिक का जुर्माना, माफियाओं में हड़कंप
देहरादून/कोटद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ एक बार फिर सख्त तेवर दिखाए हैं। पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार क्षेत्र में सुखरौ नदी किनारे चल रहे अवैध खनन पर खनन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पट्टाधारी मैसर्स त्रिलोक इंटरप्राइजेज (प्रो. लोकपाल सिंह रावत) पर 1 करोड़ 65 लाख 89 हजार 744 रुपये का भारी-भरकम अर्थदंड प्रस्तावित किया है। यह कार्रवाई धामी सरकार की “खनन माफिया पर जीरो टॉलरेंस” नीति का जीता-जागता प्रमाण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता संभालते ही अवैध खनन पर लगाम कसने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश भर में खनन माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कोटद्वार की यह कार्रवाई उसी कड़ी का हिस्सा है। सिंचाई, राजस्व और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने जब स्वीकृत खनन लॉट का औचक निरीक्षण किया तो खुलासा हुआ कि पट्टाधारी ने नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया है।
जांच में सामने आया कि:
सीमांकन पिलर गायब कर दिए गए थे
प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी बेखौफ खनन हुआ
अनुमति सिर्फ 2 मीटर गहराई तक थी, लेकिन 3.5 मीटर तक खुदाई की गई
इससे सिंचाई विभाग की बाढ़ सुरक्षा दीवार व सीसी ब्लॉक को गंभीर खतरा पैदा हो गया
मौके पर स्वीकृत क्षेत्र में ही करीब 84,240 टन उपखनिज का अवैध उठान पाया गया, जबकि ई-रवन्ना पोर्टल पर मात्र 48,655 टन की वैध निकासी दर्ज थी। यानी 35,584 टन सामग्री का अवैध विक्रय! इसी के आधार पर 99.63 लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है। प्रतिबंधित क्षेत्र से 14,850 टन और अपस्ट्रीम हिस्से से 8,100 टन अवैध खनन पर अलग-अलग 41.58 लाख और 22.68 लाख रुपये का दंड लगाया गया है। सीमांकन पिलरों की अनदेखी, CCTV फुटेज न देना और विक्रय रिकॉर्ड छुपाने पर अतिरिक्त 2 लाख रुपये का जुर्माना जोड़ा गया है।
खनन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर प्रदेश में अवैध खनन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पट्टाधारी को एक सप्ताह में CCTV फुटेज और पूरा विक्रय विवरण देने को कहा गया है। जवाब संतोषजनक न हुआ तो 1.65 करोड़ से अधिक का यह अर्थदंड तुरंत अधिरोपित कर वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
धामी सरकार की इस सख्ती से खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के कई जिलों में इसी तरह की बड़ी कार्रवाइयां हुई हैं, जिससे अवैध खनन करने वालों को स्पष्ट संदेश गया है कि उत्तराखंड में अब नियमों की अनदेखी करने की गुंजाइश नहीं बची है।
पर्यावरण और राजस्व दोनों की रक्षा करते हुए धामी सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी।
PIONEER EDGE NEWS SERVICE/ Dehradun Chief minister Pushkar Singh Dhami has directed the State administration…
देहरादून। देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में शक्ति नहर में एक व्यक्ति के कूदने की सूचना…
चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की सराहना की बद्रीनाथ धाम। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार विधायक ऋतु…
इंडोर क्रीड़ा हॉल से मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक होगी दौड़ पौड़ी- राष्ट्रीय एकता का…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 28 Oct: BJP today expressed satisfaction over the passage of…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 28 Oct: The Special Investigation Team (SIT) of Dehradun Police…