आधुनिक शिक्षा के साथ धार्मिक अध्ययन का समन्वय, मानक पूरे करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा राज्य शिक्षा बोर्ड का प्रमाणपत्र
देहरादून। उत्तराखंड में 1 जुलाई से मदरसों में नई शिक्षा व्यवस्था लागू होने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के 452 मदरसों में दोहरी पाली में शिक्षण कार्य संचालित किया जाएगा, जिसमें आधुनिक एवं धार्मिक शिक्षा का समन्वय सुनिश्चित किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार सुबह की पाली में विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कंप्यूटर जैसे आधुनिक विषय अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाएंगे। वहीं शाम की पाली में धार्मिक शिक्षा के साथ संविधान, मानवाधिकार, राष्ट्रीय एकता तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित पाठ्यक्रम का अध्ययन कराया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान एवं बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना है। निर्धारित शैक्षणिक मानकों को पूरा करने वाले मदरसों के विद्यार्थियों को राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।
हालांकि, नई व्यवस्था को लेकर कुछ संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई है, जबकि राज्य सरकार इसे शिक्षा सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल बता रही है।
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