
उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में शुक्रवार से लगातार बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव से पर्यटन व्यवसायी, होटल संचालक और किसान खुशी जाहिर कर रहे हैं, लेकिन आम लोगों के लिए कुछ असुविधाएं भी बढ़ गई हैं।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए भी बारिश और बर्फबारी की संभावना व्यक्त की है। इसी को ध्यान में रखते हुए टिहरी जिला प्रशासन ने 24 जनवरी (शनिवार) को जिले भर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला लिया है।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून से प्राप्त पूर्वानुमान के आधार पर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए यह कदम उठाया गया है।
उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार सुबह से ही तेज बर्फबारी जारी है, जिसके चलते कई प्रमुख और ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं। प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर है और जहां-जहां जरूरत पड़ रही है, वहां बर्फ हटाने के लिए जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। प्रभावित मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि बर्फबारी के दौरान वाहन सतर्कता के साथ चलाएं और किसी भी जोखिमपूर्ण स्थिति से बचें।
यह इस मौसम की पहली प्रमुख बर्फबारी है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। इससे पहले पहाड़ी इलाकों में सूखापन बढ़ रहा था और जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आ रही थीं। अब बारिश और बर्फबारी से आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी।
साथ ही, सेब उत्पादकों के लिए यह राहत भरी खबर है। बर्फबारी के अभाव में उनकी फसल को नुकसान का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन अब यह स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी है।
