
देहरादून। उत्तराखंड वन विकास निगम में मेहमाननवाज़ी और रिफ्रेशमेंट के खर्चों के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। हल्द्वानी स्थित निगम के पूर्वी मंडल कार्यालय में चाय और मिठाई के फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपये निकालने का मामला अब सामने आया है। प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं साबित होने के बाद शासन ने निगम के प्रबंध निदेशक को संबंधित कार्मिकों पर कठोर कार्रवाई की संस्तुति भेज दी है।
मामला तब सामने आया जब विजिलेंस को शिकायत मिली कि कालाढूंगी रोड, हल्द्वानी स्थित ‘नेगी रेस्टोरेंट’ के नाम पर लगातार भारी भरकम बिल जमा किए जा रहे हैं, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार उस स्थान पर ऐसा कोई रेस्टोरेंट मौजूद ही नहीं है। आरोप विशेष तौर पर कुछ अधिकारी और कर्मचारियों पर लगाए गए थे, जिस पर विजिलेंस ने पूरा प्रकरण शासन को भेज दिया।
इसके बाद प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु ने खाद्य सुरक्षा विभाग से संबंधित प्रतिष्ठान की जानकारी मांगी। विभागीय जांच में यह पुष्टि हुई कि ‘नेगी रेस्टोरेंट’ नाम का कोई संस्थान वहां पंजीकृत या संचालित नहीं है। फर्जी शॉप के नाम पर बिल पास होने की पुष्टि के बाद शासन ने वन निगम के तीन अधिकारी–कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करते हुए एमडी को पत्र भेजा है। पत्र में संबंधित सभी पर मुकदमा दर्ज करान की भी अनुशंसा की गई है।
