

देहरादून. कांग्रेस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. उत्तराखंड कांग्रेस के बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है. प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, हरीश रावत, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, यशपाल आर्य और करन महारा दिल्ली बुलाए गए हैं. कल (मंगलवार) पार्टी आलाकमान के साथ मीटिंग होगी. सूत्रों के मुताबिक, हरक सिंह प्रकरण पर बातचीत हो सकती है. उत्तराखंड कांग्रेस में चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह ने पिछले हफ्ते सिखों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. कहा जा रहा है कि ये कॉल इसी से कनेक्टेड हो सकती है. बीते शुक्रवार को कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने देहरादून बार एसोसिएशन के प्रदर्शन में विवादित बयान दिया था. मौके पर ही सिख समुदाय के अधिवक्ताओं ने भारी नाराजगी जताई.
तुरंत मांगी माफीहालांकि, कांग्रेस नेता ने तुरंत माफी भी मांग ली थी. कांग्रेस नेता ने कहा कि उनका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था. वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने किसी तरह स्थिति को संभाला.
हरक सिंह रावत ने अपने बिगड़े बोल का प्रायश्चित करने के लिए गुरुद्वारा पोंटा साहिब में हाजिरी भी लगाई. उन्होंने अपने शब्दों के लिए गुरु ग्रंथ साहिब से माफी मांगी. जूता सेवा और लंगर रसोई में सेवा भी की.
पुतले जलाएरावत ने कहा कि सिख समाज ने हमेशा उत्तराखंड और देश के लिए कठिन से कठिन समय में आगे बढ़कर सेवा की है. अपनी कर्तव्यनिष्ठा से दुनिया का दिल जीता है. लेकिन इससे सिखों में गुस्सा कम नहीं हुआ. उत्तराखंड के कई हिस्सों में हरक सिंह रावत के पुतले जलाए गए. भाजपा नेता बलजीत सोनी ने कहा कि 1984 के जख्म सिख कौम अभी भूली नहीं है. कांग्रेस नेता का बयान सिखों के प्रति इनकी नफरत जाहिर करता है.
