रिपोर्ट – नीरज उत्तराखंडी
उत्तरकाशी जिले के पुरोला और यमुना घाटी क्षेत्र में शनिवार को हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
मोरी, नौगांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में आंधी और ओलों के साथ हुई बारिश ने नगदी फसलों को पूरी तरह प्रभावित कर दिया।
सेब, आड़ू और प्लम की फसल को भारी नुकसान
किसानों के अनुसार, इस समय सेब, आड़ू, प्लम और सब्जियों की फसल तैयार अवस्था में थी। लेकिन ओलावृष्टि के कारण फलों को पेड़ों से गिरा दिया गया और सब्जियों की फसल लगभग नष्ट हो गई।
कई खेतों में फसलें जमीन पर बिछ गई हैं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
मेहनत पर फिरा पानी, बढ़ा आर्थिक संकट
स्थानीय काश्तकारों का कहना है कि पहले ही बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितता से वे परेशान थे। ऐसे में इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है।
अब किसानों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
मुआवजे की मांग, प्रशासन हरकत में
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।
साथ ही फसल बीमा योजना के तहत तुरंत राहत देने की भी अपील की गई है।
प्रशासन ने दिए सर्वे के निर्देश
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए राजस्व टीमों को मौके पर भेजने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को आवश्यक सहायता दी जाएगी।
पहाड़ी किसानों की बढ़ती चिंता
यमुना घाटी में हुई इस ओलावृष्टि ने एक बार फिर पहाड़ी किसानों की संवेदनशील स्थिति को उजागर कर दिया है। ऐसे में त्वरित राहत और दीर्घकालिक समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।
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