
कुमाऊं ब्यूरो रिपोर्ट विशाल सक्सेना
अल्मोड़ा स्थित सल्ट थाना क्षेत्र में बीते गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया जब मानिला में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डबरा के नीचे की ओर बच्चों ने जंगल में कुछ संदिग्ध वस्तुएं देखी, बच्चों की सूचना पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने तत्काल सल्ट थाना को इसकी सूचना दी, सूचना मिलते ही सल्ट पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर दी, और बम डिस्पोजल स्क्वायड और डॉग स्क्वायड टीम को बुलाया पुलिस द्वारा क्षेत्र की तलाशी के दौरान कुल 161 जिलेटिन की रॉड बरामद की गई, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया, पुलिस ने तत्काल मामले की गंभीरता को देखते हुए 21 नवंबर 2025 को बम डिस्पोजल स्क्वायड और डॉग स्क्वायड टीमों को मौके पर बुलाया, विशेषज्ञ टीमों ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर जिलेटिन रॉड के नमूने एकत्र किए और उन्हें परीक्षण के लिए भेजा।
इस संबंध में थाना सल्ट में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी मात्रा में जिलेटिन रॉड जंगल में किस उद्देश्य से लाई गई थी, और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिलेटिन रॉड का उपयोग सामान्यत, सड़क निर्माण और पत्थर तोड़ने के कार्यों में किया जाता है, लेकिन स्कूल के पास जंगल में इनका मिलना असामान्य माना जा रहा है, पुलिस क्षेत्र में मौजूद सभी गतिविधियों की निगरानी कर रही है, और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी गई है, पुलिस का कहना है कि जांच के हर पहलू पर गंभीरता से काम किया जा रहा है, और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
मामले में एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, उन्होंने कहा कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, पुलिस पारदर्शिता के साथ उन्हें सार्वजनिक करेगी, उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को इस संबंध में कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि जांच में मदद मिल सके।
बच्चों की पैनी नजर आई काम: बच्चों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया, वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है, फिलहाल विस्फोटक सामग्री के स्रोत और उसके उद्देश्य का पता लगाने के लिए जांच जारी है, जिसके बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ पाएगी।
