बड़ी खबर: सड़क बंद और आपदा की दोहरी मार झेल रहे ग्रामीण। प्रसव पीड़िता की मौत का कारण बनी ये लापरवाही  – पर्वतजन

मोरी (उत्तरकाशी), 9 अक्टूबर 2025/नीरज उत्तराखंडी 
उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक की पंचगांई पट्टी के ग्रामीण पिछले चार महीनों से आपदा और सड़क बंदी का दोहरा संकट झेल रहे हैं।
जखोल-लिवाड़ी मोटर मार्ग के तीन किलोमीटर हिस्से में लगातार भू-धंसाव और भूस्खलन के कारण मार्ग बंद पड़ा है। इस वजह से ग्रामीणों की आवाजाही ठप है और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच नामुमकिन हो चुकी है।

सड़क बंद होने से गई गर्भवती महिला की जान
इस लापरवाही की सबसे बड़ी कीमत सोमवार को कासला गांव की प्रसव पीड़िता सुपारी देवी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिवारजन उन्हें अस्पताल नहीं ले जा सके, क्योंकि सड़क चार महीने से पूरी तरह बंद है।
ग्रामीणों ने बताया कि अगर सड़क चालू होती, तो समय पर अस्पताल पहुंचने से सुपारी देवी की जान बचाई जा सकती थी।
ग्रामीणों में उबाल, बोले — चार महीने से बंद सड़क पर नहीं हो रहा कोई काम
रेक्चा के पूर्व प्रधान प्रहलाद सिंह रावत ने बताया कि फिताड़ी, रेक्चा, कासला और लिवाड़ी गांवों को जोड़ने वाला यह 12 किलोमीटर लंबा मार्ग चार महीने से बंद है।

“सड़क का निर्माण चार साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो पाया। फिताड़ी-बेंचा घाटी के बीच लगातार भू-धंसाव से सड़क बार-बार टूट जाती है।”

ग्रामीणों को बीमार या घायल लोगों को 12 किलोमीटर पैदल चलकर जखोल तक पहुंचाना पड़ता है। हालात इतने खराब हैं कि आपात स्थिति में भी कोई वाहन नहीं जा सकता।
तीन किलोमीटर हिस्से में लगातार भू-धंसाव, तीन जेसीबी लगीं लेकिन हालात जस के तस
वाप्कोस कंपनी के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार चौधरी ने बताया कि

“फिताड़ी-बेंचा घाटी के बीच तीन जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में लगातार लगी हैं, लेकिन बारिश के कारण जितना मलबा हटाया जाता है, उतना ही फिर आ जाता है।”

उन्होंने कहा कि भूगर्भ विशेषज्ञों की टीम ने तीन किलोमीटर लंबे भू-धंसाव क्षेत्र में नई कटिंग पर रोक लगा दी है। अब प्रशासन नए एलाइनमेंट (alignment) पर सड़क निर्माण की तैयारी कर रहा है, ताकि जल्द आवागमन बहाल किया जा सके।
ग्रामीण बोले — राहत का वादा नहीं, सिर्फ जांच और इंतजार
पंचगांई पट्टी के ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ सर्वे और रिपोर्टों में उलझा है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आता।लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क नहीं खुली तो सामूहिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

Sapna Rani

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