देहरादून: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश और यात्रा मार्गों पर हो रहे भूस्खलन को देखते हुए 2 दिन के लिए चारधाम यात्रा को स्थगित किया गया है. दूसरे दिन भी प्रदेश के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है. ऐसे में 30 जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू होगी या नहीं? इसका निर्णय प्रदेश में कल के बारिश का अलर्ट और यात्रा मार्गों की स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जाएगा. चारधाम यात्रा को लेकर गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में आज शाम बैठक होनी है. जिसमें वर्तमान स्थितियों के आधार पर यात्रा शुरू करने पर निर्णय होगा.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तराखंड में अगले दो दिनों यानी 29 और 30 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है. जिसका असर प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने 29 और 30 जुलाई को प्रदेश के तमाम जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और वर्षा के अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है. 29 जुलाई को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली तथा वर्षा के अत्यंत तीव्र दौर भी पड़ सकते हैं.
चारधाम यात्रा अपडेटइसी तरह, 30 जुलाई को बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिले में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी और नैनीताल में भारी वर्षा की संभावना है. जिसको देखते हुए उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों के जिला प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, गढ़वाल कमिश्नर ने चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया है. यात्रा स्थगित होने के साथ ही यात्रियों को होल्डिंग एरिया में रुकने के निर्देश दिए गए है.
गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने कहा चारधाम यात्रा वाले क्षेत्रों में 28 और 29 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट की स्थिति रही है. ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने इन स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई थी. जिसको देखते हुए चारधाम की यात्रा को 29 जुलाई तक के लिए स्थगित किया गया है. ऐसे में बारिश की संभावना और यात्रा मार्गों की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं. ऐसे में चार धाम यात्रा को लेकर आज शाम को भी समीक्षा की जाएगी. ऐसे में अगर यात्रा में कोई व्यवधान की स्थिति नहीं होगी तो फिर 30 जुलाई से चारधाम यात्रा को प्रारंभ कर दिया जाएगा.
चारधाम यात्रा मार्गों पर मौजूद श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 18 होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं. जहां यात्रियों के लिए पेयजल की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था, खाद्य सामग्रियों की दुकानें मौजूद हैं. इसके अलावा वाहनों के पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान भी हैं. इसके अलावा ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप सेंटर भी है. यहां यात्रियों के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं. चारधाम यात्रा को टेंपरेरी स्थगित करने के निर्णय लिए जाने के बाद ही चारधाम यात्रा मार्गों पर बने चेक पोस्ट पर यात्रियों को रोका जाता है. नजदीकी होल्डिंग एरिया में भेजा जा रहा है.
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