
देहरादून में इस समय भारतीय जनता पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें प्रदेश के सभी विधायक, कैबिनेट मंत्री और संगठन के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक में आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई.
बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाना और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों के लिए अभी से सक्रिय करना है. पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी घर-घर तक पहुंचाई जाए, ताकि आम जनता तक सरकार की उपलब्धियों का सही संदेश पहुंच सके.
बैठक में कार्यकर्ताओं को किया गया प्रेरितबैठक में विशेष रूप से कार्यकर्ताओं को यह भी समझाया गया कि जनता से संवाद कैसे बढ़ाया जाए और उन्हें पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए कैसे प्रेरित किया जाए. पन्ना प्रमुख से लेकर संगठन मंत्री स्तर तक के पदाधिकारियों को चुनावी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया गया.
बैठक में एसआईआर को लेकर चर्चाइस दौरान प्रदेश में जल्द शुरू होने वाली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) को लेकर भी चर्चा हुई. कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई और बताया गया कि सक्रिय तथा निष्क्रिय मतदाताओं की पहचान कैसे की जाए. साथ ही यह भी बताया गया कि जो मतदाता किसी कारण से सूची से बाहर हो गए हैं, उन्हें दोबारा सूची में कैसे जोड़ा जाए और जो नाम नियमों के अनुसार नहीं होने चाहिए, उन्हें सूची से बाहर करने की प्रक्रिया क्या होगी.
सीएम धामी ने कार्यकर्ताओं से किया संवादइस बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. पुष्कर सिंह धामी ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि सरकार विकास और जनसेवा के एजेंडे पर काम कर रही है और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि इन कार्यों की जानकारी हर गांव और हर घर तक पहुंचे.
बैठक में संगठन को मजबूद करने पर जोरबैठक में लंबे समय बाद उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम भी नजर आए. दुष्यंत गौतम ने संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दिया.
दरअसल, उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने अभी से चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी संगठन पन्ना प्रमुख से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक सभी स्तरों पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रहा है, ताकि चुनाव से पहले संगठन पूरी तरह मजबूत और संगठित दिखाई दे.
