केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा ने मतों का बनाया नया रिकॉर्ड

मतदान से 72 घण्टे पहले कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद गए सीएम धामी
सनातन धर्म की रक्षा का ब्रह्मास्त्र चला फ्रंटफुट पर खेले सीएम धामी
कांग्रेस ने की थी सीएम धामी की जबर्दस्त घेराबंदी 
रूद्रप्रयाग/देहरादून। सीएम धामी के लिए केदारनाथ उपचुनाव इसलिए भी बहुत चैलेंजिंग रहा कि कांग्रेस ने केदारधाम को लेकर भाजपा सरकार की जबरदस्त घेराबंदी कर दी थी।बावजूद इसके राज्य गठन के बाद सीएम धामी के नेतृत्व में हुए केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा को रिकॉर्ड मत मिले।2002 व 2016 में भाजपा को क्रमशः 13 व 16 हजार मत मिले। जबकि 2022 में भाजपा प्रत्याशी शैलारानी रावत को 21 हजार से अधिक मत पड़े। जबकि 2024 में भाजपा 23 हजार से अधिक मत लेकर नया कीर्तिमान बना गयी।
इधर, 2024 के उपचुनाव से पहले कांग्रेस ने केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा बचाओ यात्रा के जरिये सीएम धामी को सीधे निशाने पर लिया था।

अपनी पदयात्रा के जरिये कांग्रेस ने दिल्ली में केदारनाथ धाम निर्माण, यात्रा डायवर्ट ,आपदा, सोना का पीतल होना समेत अन्य कई क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर केदारघाटी में जबरदस्त निगेटिव माहौल बना दिया था।कांग्रेस की इस बमबारी में अपनों से भी गोला बारूद मिलने की खबरें भी आम हो रही थी। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह धारणा भी प्रबल होती चली गयी थी कि बदरीनाथ की तरह केदारनाथ में भी भाजपा संकट में घिरेगी।
भाजपा के दो दावेदार कुलदीप व ऐश्वर्या पर कांग्रेस ने भी नजरें टिकाई हुई थी। लेकिन चुनाव की तारीख करीब आते आते सीएम ने दोनों से बात कर उठ रहे विरोध के स्वरों को शांत कर दिया। और प्रचार में उतार दिया।
बीते कुछ महीनों से केदारनाथ की पिच पर सीएम धामी को कांग्रेस ने अपने चक्रव्यूह में बुरी तरह फंसा लिया था। नतीजतन, चुनावी जनसभाओं के अंतिम चरण में सीएम धामी ने केदारनाथ धाम व अन्य मुद्दों पर कांग्रेस के आरोपों का खुलकर जवाब दे बिगड़ती स्थिति को संभाला।
इधर, भाजपा के क्षत्रप भी केदारनाथ उपचुनाव के खराब नतीजों के बाद संभावित अंदरूनी हलचल पर भी नजरें गड़ाए हुए थे। मतदान से लगभग चार दिन पहले तक बेहतर स्थिति में नजर आ रही कांग्रेस इस तथ्य से संतुष्ट थी कि सीएम उनके चक्रव्यूह में बुरी तरह घिर गए हैं।
चूंकि,कांग्रेस के बड़े नेता गांव गांव भाजपा विरोधी एजेंडे की अलख जगा चुकी थी। ऐसे में 15 नवंबर के बाद हुई भाजपा की जनसभा में सीएम के केदारधाम को लेकर लग रहे आरोपों का जवाब देकर विपक्षियों के चक्रव्यूह पर पहला ठोस प्रहार किया। और पार्टी प्रत्याशी आशा नौटियाल के साथ मतदाताओं के समक्ष सनातन धर्म की रक्षा का मुद्दा रखा।सीएम धामी केदारघाटी के मतदाताओं के धर्म के मर्म को छूते हुए अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में नहीं फंसे। बल्कि अर्जुन की तरह कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद बदरीनाथ की हार का बदला ले लिया।

shivani Rawat

Share
Published by
shivani Rawat

Recent Posts

डॉ. ढाल सिंह बिसेन होंगे उत्तराखंड के नए राज्यपाल, धामी ने दी बधाई –

 देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त…

2 hours ago

Website, logo and anthem for the Haridwar Kumbh 2027 unveiled | Uttarakhand News Network

To showcase the religious, spiritual, and cultural identity of the Haridwar Kumbh Mela 2027 to…

3 hours ago

92 शिकायतें, कई परिवारों का दर्द, समाधान दिवस में डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

अपनों की प्रताड़ना से टूटे बुजुर्ग, न्याय की आस में पहुंचे समाधान दिवस बुजुर्गों की…

4 hours ago

पहाड़ की प्रेम कहानी ‘पायर’ ने जीते 18 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, अब बड़े पर्दे पर दस्तक –

देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ों की खूबसूरती, प्रेम की गहराई और अपनों से बिछड़ने का दर्द…

4 hours ago

कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसरों के साथ सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

घुड़दौड़ी में 185 इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को मिला करियर मार्गदर्शन पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के…

5 hours ago

देहरादून: बेटे ने धोखे से अपने नाम कराई बुजुर्ग की संपत्ति, 15 लाख रुपये भी लिए; अब मारपीट का आरोप – myuttarakhandnews.com

समाधान दिवस में अपनों की प्रताड़ना से परेशान बुजुर्गों ने लगाई न्याय की गुहार, डीएम…

6 hours ago