चंपावत। शनिवार की सुबह चंपावत जिले में एक दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। कांग्रेस के पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल के चचेरे भाई और 83 वर्षीय बुजुर्ग अंबादत्त खर्कवाल की उनके ही गांव में नृशंस हत्या कर दी गई। हमले में फावड़ा और दरांती जैसे धारदार कृषि उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि गांव का ही 38 वर्षीय सुभाष खर्कवाल है। आरोपी के बारे में बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। हालांकि, यह वारदात मानसिक बीमारी का परिणाम है या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश छिपी है, इस सवाल का जवाब फिलहाल जांच के घेरे में है।
घटना शनिवार करीब 11 बजे की बताई जा रही है। उस वक्त अंबादत्त खर्कवाल अपने घर के आंगन में अकेले मौजूद थे। इसी दौरान सुभाष खर्कवाल हथियार लेकर उनके घर पहुंचा और अचानक हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन तब तक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। आरोपी भागने का प्रयास कर रहा था, मगर ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
बताया जा रहा है कि अंबादत्त खर्कवाल कुछ ही समय पहले टनकपुर से अपने पैतृक गांव लौटे थे। वे कभी अपने छोटे बेटे संजय के साथ गांव में रहते थे, तो कभी बड़े बेटे सुरेश के साथ टनकपुर में। घटना के वक्त संजय घर पर मौजूद नहीं था, जबकि सुरेश टनकपुर में नौकरी पर था। पत्नी के पहले ही निधन के बाद अंबादत्त अकेलेपन भरा जीवन जी रहे थे।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। कोतवाली प्रभारी बच्ची सिंह बिष्ट ने पुष्टि की है कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। वहीं, बीडीसी सदस्य गिरीश खर्कवाल ने भी घटना की पुष्टि की है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। गांव में घटना के बाद दहशत का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की असल वजह स्पष्ट हो पाएगी।
