आगरा स्थित विश्वविख्यात ताजमहल की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई जब एक युवक ने कार से आकर बैरियर से महज 100 मीटर की दूरी पर तीन राउंड फायरिंग कर दी और आराम से फरार हो गया। यह घटना तब हुई जब सुरक्षा कर्मी तैनात थे और मॉक ड्रिल जैसी व्यवस्थाएं नियमित रूप से की जाती हैं।
घटना के बाद स्पष्ट हुआ कि युवक मानसिक रूप से असंतुलित था और खुद को कोई बड़ा अधिकारी बताकर ताजमहल के आसपास पुलिसकर्मियों पर रौब गांठ रहा था। फायरिंग के बाद वह ट्रांस यमुना कॉलोनी तक पहुंचा और बिना किसी रुकावट के वहां से लखनऊ निकल गया। पुलिस ने उसे लखनऊ में पकड़ लिया।
ताजमहल जैसे अति-संवेदनशील स्मारक की सुरक्षा के बीच हुई इस घटना ने न केवल सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आमजन और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
एसीपी ताज सुरक्षा सैयद अरीब अहमद ने बताया कि युवक सुरक्षा घेरे में दाखिल नहीं हुआ था और उसे पहले ही लौटा दिया गया था। हालांकि, पूरी घटना की जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।
30 सितंबर तक सभी लंबित आवास पूरे करने के निर्देश, 6,464 आवासों का निर्माण कार्य…
किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु मिलने अथवा किसी व्यक्ति के संदिग्ध प्रतीत होने पर…
नैनीताल: जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश…
देहरादून। दून में एक और बड़ा चिटफंड घोटाला सामने आया है। छह से सात प्रतिशत…
देर रात पुलिस टीमों ने चलाया आकस्मिक चेकिंग अभियान, 4 संदिग्ध युवकों को पूछताछ के…
उत्तराखण्ड में एनसीसी के विस्तार एवं आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा…