रुद्रपुर, 09 जनवरी 2026: उत्तराखंड के रुद्रपुर में सरकारी चावल के बड़े पैमाने पर गबन के आरोप में पुलिस ने स्वास्तिक राइस लैंड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पुरुषोत्तम दास अग्रवाल, उनकी पत्नी लक्ष्मी अग्रवाल और मिल के लेखाकार राजेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला करीब 2811.34 कुंतल सरकारी चावल के गबन से जुड़ा है, जिसकी अनुमानित कीमत 98 लाख 47 हजार 788 रुपये है।
उत्तराखंड प्रादेशिक को-ऑपरेटिव यूनियन के क्षेत्रीय प्रबंधक धीरज कुमार की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। शिकायत में कहा गया है कि ग्राम दानपुर बिंदुखेड़ा रोड पर स्थित स्वास्तिक राइस मिल को कुटाई (मिलिंग) के लिए कुल 4462 कुंतल धान दिया गया था। राज्य की खरीद नीति के अनुसार, 67 प्रतिशत रिकवरी रेट के हिसाब से मिल को 2989.54 कुंतल चावल राजकीय गोदामों में जमा कराना था।
हालांकि, मिल प्रबंधन ने बार-बार नोटिस और अंतिम अवसर दिए जाने के बावजूद 15 सितंबर 2024 तक केवल 178.20 कुंतल चावल ही जमा कराया। इससे 2811.34 कुंतल चावल बकाया रह गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। मिल पर चावल और अनुषांगिक मदों में कुल 98 लाख 47 हजार 788 रुपये की देनदारी बताई गई है, लेकिन रिकवरी नोटिस को भी अनदेखा किया गया।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316 (2) के तहत गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
यह मामला सरकारी धान की कस्टम मिलिंग प्रक्रिया में अनियमितताओं को उजागर करता है, जहां मिलर्स को धान देकर निर्धारित चावल जमा कराने की जिम्मेदारी होती है। प्रशासनिक स्तर पर इस तरह के गबन के मामलों पर सख्ती बढ़ाने की मांग उठ रही है।
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