
त्यूणी तहसील अंतर्गत भूठ गांव में तीन श्रमिकों की कमरे में सोते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में राजस्व पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच नियमित पुलिस को सौंप जाने की बात कही है।
जानकारी अनुसार तीनों श्रमिक प्रधान के मकान के निर्माण कार्य के लिए भूठ गांव गए थे, शुरू में कमरे में रसोई गैस के रिसाव से मौत की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन अब स्वजन की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने पर मामले में राजस्व पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
एसडीएम प्रेमलाल ने बताया कि विवेचना नियमित थाना पुलिस को सौंपी जाएंगी।
राज मिस्त्री का काम करने वाले अपने दोनों पुत्रों व दामाद की हत्या की आशंका जताते हुए गांव डिरनाड निवासी -. केवलराम ने कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत पर एसडीएम प्रेमलाल के निर्देश पर मुकदमा दर्ज हुआ।
नायब तहसीलदार सरदार सिंह राणा ने मीडिया को बताया कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच करेगी।
तहसील प्रशासन को दी तहरीर में केवलराम ने कहा था कि उसके दोनों पुत्र प्रकाश व संजय और पटियूड निवासी उनके दामाद संदीप राज मिस्त्री का काम करते थे। तीनों भूठे गांव में प्रधान अमित राणा के यहां मकान का निर्माण करने गए थे। बताया कि
प्रधान ने उनके ठहरने की व्यवस्था गांव से कुछ दूर पुराने स्कूल भवन में की थी। 6 दिसंबर की शाम तीनों काम खत्म करने के बाद स्कूल के कमरे में खाना खाकर सो गए। रात करीब पौने एक बजे पुत्र ने स्वजन को फोन कर बताया बाहर से कोई व्यक्ति उन्हें डराने धमकाने ‘का प्रयास कर रहा है। इसलिए तीनों की एक साथ मौत संदेह उत्पन्न कर रही है। कमरे की चटकनी भी अंदर से बंद नहीं थी। मृतकों के मुंह से झाक-खून निकल रहा था और एक की बाजू टूटी हुई थी।
