देहरादून: वसंत विहार थाना क्षेत्र में पूर्व कर्मचारी को कथित तौर पर बंधक बनाकर मारपीट करने, तमंचा दिखाकर धमकाने और 10 लाख रुपए वसूलने का मामला सामने आया है. सीजेएम फर्स्ट देहरादून न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पूर्व कर्मचारी हिमांशु कुमार सिंह की शिकायत पर उसके पूर्व मालिक गंभीर सिंह चौहान, उनकी पत्नी मंजू सिंह चौहान और बेटी अनुप्रिया चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
शास्त्री नगर स्थित घर बुलाकर बंधक बनाने का आरोप: हिमांशु ने थाना बसंत विहार में शिकायत दर्ज कराई कि वह करीब डेढ़ साल पहले गंभीर सिंह चौहान के यहां मुंशी का काम करता था. करीब आठ महीने पहले नौकरी छोड़कर उसने सब्जी बिक्री का काम शुरू कर दिया था. आरोप है कि 11 नवंबर 2024 को गंभीर सिंह ने उसे शास्त्री नगर स्थित अपने घर बुलाया. वहां ग्राहक तोड़ने और कारोबार में नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की गई और उसे शौचालय में बंद कर दिया गया. हिमांशु का आरोप है कि उसे करीब आठ दिनों तक बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया. इस दौरान आरोपियों ने उसे पहाड़ से नीचे फेंकने और जान से मारने की धमकी दी.
देहरादून सीजेएम कोर्ट के आदेश पर बंधक बनाकर रुपए ऐंठने के आरोप में केस दर्ज किया गया
पिता से कराए तीन RTGS, 10 लाख रुपए खाते में ट्रांसफर: पीड़ित का आरोप है कि रिहाई के बदले 10 लाख रुपए मांगे गए. गंभीर सिंह के मोबाइल से उसके पिता को फोन कराया गया. डर के कारण पिता ने एचडीएफसी और एसबीआई खातों से तीन अलग-अलग आरटीजीएस के जरिए 2 लाख, 6 लाख 10 हजार और 1 लाख 90 हजार रुपए गंभीर सिंह और उनकी बेटी अनुप्रिया के खातों में ट्रांसफर किए.
हिमांशु ने आरोप लगाया कि, बंधक बनाए रखने के दौरान उसकी कनपटी पर तमंचा लगाकर सादे कागज और स्टांप पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए. कथित तौर पर उसके वीडियो भी बनाए गए. 19 नवंबर 2024 को वह परिजनों के साथ थाने पहुंचा और शिकायत दी. इसके बाद एसएसपी कार्यालय और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया.
पूर्व मालिक ने पहले दर्ज कराया था 15 लाख की धोखाधड़ी का केस: मामले में दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा है. दिसंबर 2024 में गंभीर सिंह चौहान ने हिमांशु, उसके पिता ऋषि कुमार सिंह और भाई शिवांशु सिंह के खिलाफ वसंत विहार थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था. गंभीर सिंह का आरोप था कि हिमांशु उनके यहां मुंशी का काम करते हुए मंडी से उनके नाम पर सब्जी खरीदने और दुकानदारों से रकम वसूलने के दौरान करीब 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर चुका है. पुलिस इस मामले में जांच पूरी कर धारा 406 और 420 के तहत वर्ष 2025 में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.
गंभीर सिंह बोले- आरोप गलत, जांच में सहयोग करेंगे: गंभीर सिंह चौहान ने आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि हिमांशु उनके यहां रहकर सब्जी कारोबार की जिम्मेदारी संभालता था. उनके बाहर रहने के दौरान मंडी का लेनदेन भी वही देखता था. वापस लौटने पर कारोबार में करीब 25 से 30 लाख रुपए का नुकसान सामने आया.
गंभीर सिंह के मुताबिक, उन्होंने हिमांशु के साथ कोई मारपीट नहीं की. पैसों के लेनदेन को लेकर उसके पिता से बातचीत की गई थी और रकम वापस करने को कहा गया था. उन्होंने माना कि कुछ रकम उनके, उनकी पत्नी और बेटी के खातों में ट्रांसफर हुई थी. उन्होंने कहा कि, लगाए गए सभी आरोप गलत हैं और पुलिस जांच में अपना पक्ष रखते हुए पूरा सहयोग करेंगे.
कोर्ट के आदेश पर वसंत विहार थाने में हिमांशु सिंह की शिकायत पर गंभीर चौहान समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच करेगी. बैंक खातों में हुए आरटीजीएस लेनदेन, कथित तमंचे, हस्ताक्षर कराए गए दस्तावेजों और वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी. जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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