Char Dhaam Yatra: चारधाम यात्रा में अबतक 80 से अधिक लोगों की मौत, उत्तराखंड में ये क्या हो गया? – Uttarakhand

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादूनः हर साल लाखों लोग उत्तराखंड में स्थित चार धाम की यात्रा करते हैं. इस बार भी यात्रा शुरू है. चारधाम की यात्रा को शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय हो गया है. इस दौरान लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन मुस्तैद है. लेकिन चारधाम यात्रा पर लोगों की जान जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है. इस साल अभी तक 80 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. बीते गुरुवार को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा पर आए दो श्रद्धालु की ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई. एक मृतक तमिलनाडु और दूसरा मृतक मध्य प्रदेश का रहने वाला था. दोनों धाम में अब तक 12 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. लेकिन ऐसा क्या हो रहा कि लोगों की मौत हो रही है?80 से अधिक श्रद्धालुओं की मौतबता दें कि हर साल मई में चारधाम की यात्रा शुरू होती है. यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मौत का मामला हर साल सामने आता है. लेकिन इस बार ये आंकड़ा डरा देने वाला है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल अब तक 80 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. अधिकांश मौत ऑक्सीजन की कमी, हार्ट अटैक और सांस लेने में तकलीफ होने के कारण हुई है.अचानक से खराब हो जाती है तबीयतबता दें कि चारधाम के चारों मंदिर समुद्र तल से 3 हजार से साढ़े तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर है. पहाड़ों पर जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है. हवा में ऑक्सीजन का लेवल कम होता जाता है. वैसे समुद्र तल पर हवा में ऑक्सीजन की मात्रा 21 फीसदी होती है. लेकिन 3000 मीटर की ऊंचाई पर यह स्तर काफी कम हो जाता है. इसे मेडिकल भाषा में हाइपोक्सिया कहते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि बिना तैयारी के ऊंचाई पर चढ़ने से एक्यूट माउंटने सिकनेस का खतरा बढ़ा जाता है, जिसके लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी और सांस फूलना शामिल हैं.सरकार ने कर रखी है खास तैयारीऐसा नहीं है कि उत्तराखं सरकार ने तैयारी नहीं की है. सरकार ने यात्रा मार्गों पर मेडिकल कैंप, ऑक्सीजन सिलेंडर और एमरजेंसी सेवाएं शुरू की हैं. लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के सामने ये सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं. ऐसे में अगर आप भी चारधाम यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको कई बातों का ख्याल रखना होगा. यात्रा से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें और अपनी पूरी हेल्थ चेकअप कराएं. इसके अलावा सीधे ऊंचाई पर ना चढ़ें. पहले कुछ दिन कम ऊंचाई वाले इलाकों में रुकें. ताकि शरीर को ऑक्सीजन की कमी की आदत पड़ सके. ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े और जरूरी दवाएं साथ रखें. इसके अलावा यात्रा के दौरान खूब पानी पिएं. ताकि शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बना रहे. 

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