

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून। देहरादून में सिक्योरिटी एजेंसी संचालक ने अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट पर 32 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया है। आरोप है कि कोविड काल में केंद्र की ईपीएफ स्कीम में यह फर्जीवाड़ा किया गया। मामले में कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया। बसंत विहार थाना इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने बताया कि शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।सनराइज सिक्योरिटी एजेंसी के मालिक विकास कुमार निवासी नेहरू कॉलोनी ने कोर्ट में अपील की। आरोप चार्टर्ड एकाउंटेंट मोहित शर्मा निवासी डबुआ कॉलोनी, एनआईटी, फरीदाबाद, हरियाणा पर लगाया। विकास ने कहा कि उन्होंने 2018 में श्रीरामपुरम, गोविंदगढ़, कांवली रोड दून में सनराइज सिक्योरिटी नाम से एजेंसी शुरू की थी।इसके लिए मोहित शर्मा को 2019 में चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में रखा। आरोप है कि कोविड काल के दौरान केंद्र सरकार की प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) स्कीम का दुरुपयोग करते हुए मोहित शर्मा ने एजेंसी के रिकॉर्ड में 900 कर्मचारियों को दर्शाया। वास्तव में वहां केवल तीन कर्मचारी कार्यरत थे।जिनका वेतन एजेंसी संचालक दे रहा था। जुलाई 2022 में ईपीएफ विभाग से नोटिस मिलने पर खुलासा हुआ कि 900 कर्मचारियों में से 239 का ईपीएफ निकाला गया। इस तरह 32 लाख रुपये की राशि का गबन किया गया। पीड़ित ने बताया कि जब उन्होंने मोहित शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की तो उसने फोन रिसीव नहीं किया।मोहित ने उनकी एजेंसी के लेटरहेड पर फर्जी हस्ताक्षर और डुप्लीकेट मोहर बनाकर धोखाधड़ी की। इसके अलावा डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) के दुरुपयोग और जीएसटी में 70 हजार रुपये इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने का भी आरोप है। मोहित शर्मा ने सरकारी फीस के नाम पर उनसे अतिरिक्त रकम भी वसूली और ओटीपी के जरिए पोर्टल पर अनधिकृत गतिविधियां कीं।
