
उत्तरकाशी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) चिन्यालीसौड़ में आयुष्मान भारत योजना महीनों से पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। एक विस्तृत शिकायत पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जिम्मेदार अधिकारी प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को ठप रखकर “मज़ाक का विषय बना रहे हैं” और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों की अनदेखी कर रहे हैं।
आयुष्मान सेवाएँ महीनों से बंद—मरीज बिना इलाज लौट रहे
RTI दस्तावेजों के अनुसार CHC चिन्यालीसौड़ में लंबे समय से एक भी आयुष्मान मित्र या योजना कर्मी की नियुक्ति नहीं है। इसके कारण—
कार्ड सत्यापन
उपचार स्वीकृति
क्लेम प्रक्रिया
लाभार्थी पंजीकरण व सहायता
पूरी तरह बंद हैं।कई मरीज अस्पताल पहुँचकर भी इलाज शुरू न होने पर वापस लौट रहे हैं।
निरीक्षण तंत्र ढह गया—रजिस्टर तक उपलब्ध नहीं
RTI और आधिकारिक पत्रों में यह भी उजागर हुआ है कि CHC स्तर पर निरीक्षण प्रणाली लगभग समाप्त हो चुकी है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी पत्रों में स्वीकार किया गया है कि—
आयुष्मान कर्मियों की नियुक्ति नहीं की गई,
कोई नियमित निरीक्षण नहीं हो रहा,
निरीक्षण पुस्तिका तक उपलब्ध नहीं है।
इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप—“अधिकारियों ने प्रधानमंत्री की योजना को हल्के में लिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन गरीब परिवारों के लिए योजना शुरू की गई थी, वही योजना चिन्यालीसौड़ में लापरवाही का शिकार है। ग्रामीणों के अनुसार—
“अधिकारियों की उदासीनता से साफ प्रतीत होता है कि वे प्रधानमंत्री की योजना को गंभीरता से नहीं लेते और इसे मज़ाक की तरह चलने दे रहे हैं।”
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने CMO को बताया जिम्मेदार — लिखित रूप से कही बात मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी CHC चिन्यालीसौड़ ने अपने आधिकारिक पत्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) उत्तरकाशी को सीधे तौर पर आयुष्मान कर्मी की नियुक्ति न होने के लिए जिम्मेदार बताया है।
उनके पत्रों में उल्लेख है कि—
CMO को बार-बार नियुक्ति हेतु अनुरोध भेजा गया,
लेकिन आज तक एक भी आयुष्मान कर्मी उपलब्ध नहीं कराया गया,
जिसके चलते CHC चिन्यालीसौड़ में आयुष्मान सेवा पूर्णतः ठप हो गई है।
यह बयान जिला-स्तरीय स्वास्थ्य प्रशासन की गंभीर अनदेखी की ओर संकेत करता है।
RTI में चौंकाने वाला खुलासा—डेढ़ वर्ष का डेटा शून्य
RTI में यह भी सामने आया कि CHC चिन्यालीसौड़ में पिछले डेढ़ वर्ष में आयुष्मान योजना से लाभान्वित एक भी मरीज का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस प्रकार
लाभार्थी डेटा शून्य, न CHC में रिकॉर्ड, न हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स में आंकड़े। यह किसी सक्रिय सरकारी योजना के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।
प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील शिकायत में प्रधानमंत्री से मांग की गई है कि—
1. CHC चिन्यालीसौड़ में आयुष्मान कर्मियों की तत्काल नियुक्ति की जाए।
2. CMO उत्तरकाशी और CHC प्रभारी सहित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन सहित जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
3. आयुष्मान भारत योजना की केंद्रीय निगरानी को और सुदृढ़ किया जाए।
स्थानीय जनता में नाराज़गी
पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए
आयुष्मान योजना पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में सेवाओं के ठप होने से जनता में नाराज़गी बढ़ती जा रही है और इसे “स्वास्थ्य अधिकारों की खुली उपेक्षा” माना जा रहा है।
