रालमवासियों के आतिथ्य और समर्पण से गदगद हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त

रॉलम गांव के निवासियों को पत्र लिखकर सीईसी ने जताया आभार
बीते 16 अक्टूबर को मौसम खराबी के कारण सीईसी हेलीकॉप्टर की हुई थी इमरजेंसी लेंडिंग
रेस्क्यू टीम में शामिल आईटीबीपी के जवानों की भी सीईसी ने की सराहना
देहरादून। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विधानसभा क्षेत्र स्थित रालम गांव के निवासियों द्वारा सेवा,आतिथ्य और समर्पण के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने पत्र लिखकर आभार प्रकट किया है। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने आईटीबीपी के जवानों की भी सराहना की है। सीईसी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है।
दरअसल मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार बीते 16 अक्टूबर को पिथौरागढ़ जिले के 42-धारचूला विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ एवं हाई- एल्टीट्यूड मतदान स्थलों में शामिल ग्राम मिलम, मरतोली, गनघर एवं पांछू आदि में निर्वाचन प्रक्रिया के संचालन एवं संपादन के संबंध में धरातलीय अध्ययन हेतु प्रवास के लिए आए थे।
भ्रमण के दौरान मौसम की खराबी के कारण मुख्य निर्वाचन आयुक्त की पिथौरागढ़ जिले के मुन्स्यारी तहसील स्थित रॉलम गांव में दोपहर लगभग 12.30 बजे पायलट द्वारा हैलीकॉप्टर की एहतियातन लैंडिंग की गई। रॉलम ग्राम के भौगोलिक रूप से उच्च हिमालयी, हिमाच्छादित क्षेत्र में होने के कारण इसके सभी निवासी अपने शीतकालीन प्रवास ग्राम पातौं आदि में कुछ ही दिन पहले शिफ्ट हो गए थे, और वर्तमान में पूरा रॉलम गांव एकदम खाली था।
रॉलम का शीतकालीन प्रवास पातौं गांव के ईश्वर सिंह नबियाल के साथ में सुरेन्द्र कुमार एवं भूपेन्द्र सिंह ढकरियाल क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थिति एवं लगातार हो रही वर्षा हिमपात जैसी मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद अपनी जान की परवाह किए बिना 38 किमी. से अधिक पैदल दूरी के पहाड़ी अति दुर्गम रास्तों से चलकर रात्रि लगभग 01.00 बजे जीवन रक्षक सामग्री/खाद्य सामग्री सहित ग्राम-रॉलम पहुंचे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने पत्र में लिखा है कि “कहावत है कि ‘डूबते को तिनके का सहारा, हम सबके साथ यह कहावत उस समय चरितार्थ हुई जब यह तीन सदस्यीय दल देवदूत बनकर ग्राम-रॉलम पहुंचा। इस दल के साथ उनका पालतू श्वान भी था जो दल में चौथे सुरक्षा कवच की भूमिका निभा रहा था।”
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने रॉलम वासियों की सेवा समर्पण की तारीफ़ करते हुए लिखा कि “सभी युवा देवदूतों ने मानवता के उच्च आदर्शों का पर्याय बनते हुए हम सब की जीवन रक्षा के लिए इस दिन को अविस्मरणीय यादों में अलंकृत कर दिया। आपदा प्रबंधन में स्थानीय निवासियों की भागीदारी की इस मिसाल को “as a first responder” की पॉलिसी को प्रशासन सशक्त रूप से अपनायेगा, स्थानीय निवासियों को प्रेरित एवं सम्मानित करेगा, ऐसा मेरा विश्वास है। मैं आप सभी को हृदय की गहराइयों से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आपके स्वस्थ जीवन एवं दीर्घायु की कामना करता हूं।”
इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने आईटीबीपी के महानिदेशक को भी पत्र लिखकर पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में तैनात रेस्क्यू टीम की सराहना की है।

shivani Rawat

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