मुख्यमंत्री ने दिए सारकोट की तर्ज पर प्रत्येक जिले में दो-दो आदर्श गांव बनाने के निर्देश

चारधाम यात्रा मार्गों पर कानून-व्यवस्था का सख्ती से अनुपालन कराने की दी हिदायत

पर्यटन विकास की योजनाओं पर तेजी से काम करने के भी दिए निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट की तर्ज पर राज्य के प्रत्येक जिले में दो-दो आदर्श गांव बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  मुख्यमंत्री आवास में आयोजित बैठक में उच्चाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा है कि इन गांवों में समग्र विकास एवं आजीविका संवर्द्धन की योजनाओं को प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने पर विशेष ध्यान दिया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत‘ विजन के अनुरूप ‘विकसित उत्तराखंड‘ की दिशा में तेजी से कार्य करने के लिए सभी अधिकारी पूरी तत्परता व प्रतिबद्धता से जुटे रहें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों पर कानून-व्यवस्था का सख्ती से अनुपालन कराए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि धामों व यात्रा मार्गों पर अशांति पैदा करने वाले एवं अवांछित गतिविधियों में संलिप्त तत्वों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर घोषित दो स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थानों का शीघ्र चिन्हांकन कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहसिक पर्यटन को और अधिक बढ़ावा देने हेतु नए डेस्टिनेशन विकसित करने पर भी प्राथमिकता से कार्य किया जाय। ताकि क्षेत्रीय युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्यटन ढांचे को मजबूती प्रदान करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हेतु अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाय। उन्होंने हनोल एवं जागेश्वर के मास्टर प्लान तथा हरिपुर कालसी घाट निर्माण की योजना पर तेजी से कार्य करने के साथ ही यात्रा मार्ग से जुड़े गांवों को होमस्टे योजना से लाभान्वित करने पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जिले में बनाए जाने वाले दो-दो आदर्श ग्रामों में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मौनपालन, डेयरी विकास, मशरूम उत्पादन जैसे संभावनाशील क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के साथ ही इन गांवों के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए इंटीग्रेेटेड एप्रोच अपनाकर प्रभावी कदम उठाए जांय। स्थानीय शैली एवं संस्कृति का पूर्ण ध्यान रखते हुए इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित सौर ऊर्जा के माध्यम से इन गांवों को रोशन करने की व्यवस्था की जाय। इन गांवों में स्थानीय उत्पादों के विपणन की व्यवस्था करने और स्वयं सहायता समूहों को पर्याप्त प्रोत्साहन देकर आजीविका के अवसरों में वृद्धि तथा आर्थिक विकास को गति देने वाली गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी जाय।

बैठक में सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, अपर पुलिस महानिदेशक  ए.पी. अंशुमान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

shivani Rawat

Share
Published by
shivani Rawat

Recent Posts

11 अगस्त को देहरादून में रोजगार मेला, 559 पदों पर होगा चयन

क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में शुरू हुआ पंजीकरण, विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियां लेंगी साक्षात्कार देहरादून। जनपद के…

12 minutes ago

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने की वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा…

33 minutes ago

मानसून सत्र में बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना पड़ा महंगा, अधिशासी अभियंता पर कार्रवाई

नैनीताल:  मानसून सत्र के दौरान शासकीय दायित्वों में लापरवाही बरतने पर नैनीताल के जिलाधिकारी ललित…

54 minutes ago

मसूरी में भारी बारिश का कहर, कैंपटी रोड पर बहुमंजिला भवन हुआ धराशायी, जान बचाने के लिए भागे लोग – myuttarakhandnews.com

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही भारी बारिश का कहर थमने का…

1 hour ago

एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से लापता युवक का शव किया बरामद

देहरादून। शक्ति नहर में कार गिरने के बाद लापता हुए युवक की तलाश आखिरकार पूरी…

1 hour ago

राखी के कारोबार से आत्मनिर्भर बन रहीं देहरादून की महिलाएं

मालदेवता में सास-बहू की जोड़ी ने राखी कारोबार से मचाई धूम देहरादून। रक्षाबंधन से पहले…

2 hours ago