उत्तरायणी मेले का सांस्कृतिक, व्यापारिक और ऐतिहासिक महत्व
कहा- उत्तराखंड में व्यापक पैमाने पर हो रहे हैं संस्कृति और विरासत के संरक्षण कार्य
मेले में उत्तरायणी और कुंभ मेले पर आधारित दस्तावेज यूथ आइडियाज पत्रिका का विमोचन भी किया गया
देहरादून/बरेली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरेली पुलिस लाइन में 29 वें उत्तरायणी मेले में प्रतिभाग करते हुए मेले का शुभारंभ किया।उन्होंने कहा कि उत्तरायणी मेले का प्राचीन समय से ही व्यापक सांस्कृतिक,व्यापारिक और ऐतिहासिक महत्व रहा है। प्राचीन समय में जब संचार और आवागमन के साधन सीमित थे तो उस समय मेल- मिलाप, व्यापार, सूचना के आदान-प्रदान हेतु मेलों का बड़ा महत्व था।मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण, उज्जैन महाकाल मंदिर कॉरिडोर निर्माण, राम मंदिर निर्माण तथा विश्व पटल पर योग और भारत की प्राचीन विरासत का गुणगान इस बात के सुस्पष्ट प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी संस्कृति और विरासत के संरक्षण और संवर्धन में बहुत बड़े कार्य हो रहे हैं। केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान तथा मानसखंड मंदिरमाला के अंतर्गत पौराणिक धार्मिक स्थलों और मंदिरों का नवनिर्माण और सौंदर्यकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हर वर्ष तीर्थाटन और धार्मिक पर्यटनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और आने वाले समय में इसमें और भी बढ़ोतरी की संभावना है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए हम उत्तराखंड में बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर बनाने का हमने संकल्प लिया है।
पूर्णागिरी में शारदा कॉरिडोर निर्माण पर भी तेजी से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन और फिल्म शूटिंग हब के रूप में भी विकसित करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मातृशक्ति के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं संचालित हो रही है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से हमने एक लाख महिलाओं को लखपति बनाया है। सवा लाख महिलाओं को और लखपति बनाने का लक्ष्य रखा है जिसके लिए उनको नि:शुल्क ऋण की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को हमने देश-विदेश में एक विशेष ब्रांड हाउस ऑफ़ हिमालयाज उत्तराखंड के नाम से विक्रय करने का निर्णय लिया है। इससे महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बहुत से उत्पादों को भी टक्कर दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देवभूमि को देवभूमि बनाए रखने के लिए अनेक सख्त कानून बनाए हैं। किसी भी तरह के अपराध की रोकथाम, लैंड जेहाद, थूक जेहाद जैसे अनैतिक कृत्य पर लगाम लगाने के लिए सख्त वैधानिक प्रावधान किए हैं। धर्मांतरण रोकने के लिए धर्मांतरण कानून, सख्त नकल विरोधी कानून, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले से ही वसूली के वैधानिक प्रावधान इत्यादि प्रावधान किए हैं।
हम शीघ्र ही समान नागरिक संहिता का कानून देने जा रहे हैं जो गंगा की भांति पूरे देश को लाभान्वित करेगा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनमानस और उत्तरायणी मेला समिति को मकर संक्रांति, घुघुती त्यौहार और उत्तरायणी मेले की शुभकामनाएं देते हुए आगामी 28 जनवरी से उत्तराखंड में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलो में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित भी किया।
इस दौरान सांसद बरेली छत्रपाल सिंह गंगवार, स्थानीय विधायक संजीव अग्रवाल, महापौर उमेश गौतम आदि उपस्थित थे।
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