राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य गठन के बाद उनके कार्यकाल से पहले तक राज्य के युवाओं को जितनी सरकारी नौकरी प्राप्त हुईं, उससे दोगुना नौकरी युवाओं को पिछले साढ़े चार साल में प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि अभी तक यह आंकड़ा 25 हजार से अधिक था, मंगलवार को 1456 युवाओं को सहायक अध्यापक एवं समीक्षा अधिकारी के रूप में नियुक्ति मिलने के बाद यह आंकड़ा साढ़े 26 हजार से ऊपर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि आगे भी भर्ती परीक्षाएं निरंतर इसी प्रकार जारी रहेंगी। युवाओं को कड़ी मेहनत से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी है। शुचिता और आदर्श परीक्षा व्यवस्था बनाना सरकार का काम है। किसी युवा को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून मेडिकल कालेज पटेलनगर में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के माध्यम से चयनित सहायक अध्यापक (एलटी) को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक विनोद चमोली, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, दीपेंद्र चौधरी, निदेशक एससीईआरटी बंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक डा. मुकुल कुमार सती मौजूद रहे।
एक भी अतिथि शिक्षक को नहीं हटाया जाएगा : धन सिंह रावतनियुक्ति पत्र वितरण समारोह में शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि एलटी शिक्षकों की नियुक्ति रिक्त पदों के सापेक्ष हुई है। इसलिए किसी भी विद्यालय में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षक को नहीं हटाया जाएगा। हालांकि, कुमाऊं से कुछ विद्यालयों में नई नियुक्ति पाने वाले एलटी शिक्षकों के कारण अतिथि शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इसकी उन्होंने शिकायत भी शिक्षा मंत्री को भेजनी शुरू कर दी है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन युवाओं को मौके पर नियुक्ति पत्र नहीं मिले उनमें से कुमाऊं मंडल के युवाओं को नैनीताल और गढ़वाल मंडल के युवाओं को श्रीनगर गढ़वाल में प्रदान किए जाएंगे। धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। जल्द ही 1500 से अधिक बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापक के 2100 पद और चतुर्थ श्रेणी के 2400 पदों पर नियुक्तियां प्रदान की जाएंगी। उन्होंने नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी अध्यापकों से कहा कि सबको दुर्गम क्षेत्रों में नियुक्ति प्रदान की जा रही हैं। कुछ साल सभी को अनिवार्य रूप से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देनी हैं।
166 एलटी शिक्षक 15 दिन सुगम में रहेंगेशिक्षा मंत्री ने बताया कि नई नियुक्ति पाने वाले 166 एलटी शिक्षक केवल 15 दिन सुगम में सेवा देंगे। इस दौरान 10 या दस से अधिक वर्षों से दुर्गम में सेवा दे रहे एलटी शिक्षकों का सुगम स्थानांतरण किया जाएगा और फिर दुर्गम में रिक्त हुए पदों के सापेक्ष नई नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को वहां भेजा जाएगा।
विधायक चमोली ने उठाया मंडल में ही नियुक्ति का मामलाकार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए धर्मपुर के विधायक विनोद चमोली ने सुझाव दिया कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडल से एलटी नियुक्ति पाने वाले युवाओं को यदि गृह मंडल में भी नियुक्ति का अवसर मिले तो इससे शिक्षकों को घर से ज्यादा दूर नहीं रहना पड़ेगा। अधिक दूर नियुक्ति मिलने से शिक्षक कुछ समय बाद अपने परिवार को भी मैदानी क्षेत्र में शिफ्ट करने के अवसर तलाशने लगते हैं, जो पलायन का बड़ा कारण भी है। उन्होंने यह कहा कि दुर्गम में सेवा देने की जिम्मेदारी भी युवाओं की ही है।
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