महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को दुलारते नजर आए सीएम योगी

तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे है सीएम योगी 
गांवों से पलायन रोकने के लिए कृषि और पशुपालन पर सीएम योगी दे रहे जोर
यमकेश्वर। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन दिवसीय दौरे पर अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे हुए है। सीएम योगी ने अपने पैतृक गांव के महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान वह यहां एक बच्चों को दुलारते नजर आए।
उन्होंने बच्चे को गोद में लिया। और कुछ देर उसके साथ हंसते-खेलते रहे। सीएम योगी तीन दिवसीय दौरे पर हैं। वे अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने आए हैं, लेकिन इसके साथ ही वह यहां कार्यक्रमों में भी शामिल हो रहे हैं।
महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने राज्य से हो रहे पलायन और बंजर खेतों पर दुख जताया। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि खेतों को बंजर छोड़ने के बजाय इस पर कुछ न कुछ खेती किसनी करें। खेत आबाद होंगे तो पलायन भी रुकेगा। पलायन कीवजह से गांव के गांव खाली हो रहे हैं। उत्तराखंड  सीमांत प्रदेश है। यह राष्ट्र सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के गांवों से पलायन रोकने के लिए कृषि और पशुपालन पर जोर दिया। कहा कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और कृषि व पशुपालन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता प्राप्त की जा सकती है, जिससे पलायन को रोका जा सकेगा। उन्होंने प्रदेश को नशामुक्त बनाने और इसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में कार्य करने का आह्वान लोगों से किया।
मुख्यमंत्री योगी बृहस्पतिवार को महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय विथ्याणी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। वह यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत अपने पैतृक गांव पंचूर में तीन दिवसीय भ्रमण पर पहुंचे हैं। पहले दिन उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय विथ्याणी में ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। उसके बाद उन्होंने आनंद सिंह बिष्ट स्मृति पार्क में 100 फीट ऊंचे तिरंगे और दो दिवसीय किसान मिले का उद्घाटन किया। उन्होंने विद्यालय की गोरक्ष पत्रिका का विमोचन भी किया।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड में डेयरी और पशुपालन की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि बकरी का दूध अत्यधिक गुणकारी होता है और कई रोगों के उपचार में सहायक है। मेले के माध्यम से स्थानीय लोगों को बकरी व कुक्कुट वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने उत्तराखंड को भारत का मुकुटमणि बताते हुए कहा कि यह राज्य राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की।

shivani Rawat

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